गिरिडीह कॉलेज में कथित भ्रष्टाचार और विभिन्न अनियमितताओं के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन तथा भूख हड़ताल गुरुवार को आठवें दिन भी जारी रहा। आंदोलनरत कार्यकर्ताओं और विनोबा भावे विश्वविद्यालय के अधिकारियों के बीच हुई बातचीत में कोई समाधान नहीं निकल सका।
विश्वविद्यालय के कुलपति चंद्रभूषण शर्मा और रजिस्ट्रार बीरेंद्र कुशवाहा आंदोलन के दौरान कॉलेज पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं से बातचीत की और उनकी मांगों तथा विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों की जानकारी ली। हालांकि वार्ता के बाद आंदोलन समाप्त करने पर सहमति नहीं बनी।
अभाविप कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने कॉलेज में अनियमितताओं के अपने आरोप रखे। संगठन ने महाविद्यालय के प्राचार्य को बर्खास्त करने सहित अन्य मांगों पर ठोस कार्रवाई की मांग की। कार्यकर्ताओं का कहना है कि बातचीत में उनकी मांगों पर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं मिला और केवल आश्वासन दिया गया।
भूख हड़ताल पर बैठे नीरज चौधरी और अनीश रॉय ने कहा कि मांगों पर संतोषजनक और ठोस कदम उठाए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। संगठन ने आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी रखी है।
आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं ने कहा कि विद्यार्थियों के हित से जुड़े मुद्दों का समाधान होने तक वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे। उनका रुख है कि केवल आश्वासन के आधार पर अनिश्चितकालीन आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।
धरना स्थल पर रोशन सिंह, कृष्णा त्रिवेदी, मंटू मुर्मू, उज्ज्वल तिवारी, विनीत पासवान, रूपेश स्वर्णकार, बिट्टू मोदी, संदीप वर्मा, कृष पासवान, मुन्ना, शुभम और सदानंद सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच वार्ता बेनतीजा रहने से गतिरोध बना हुआ है।