रांची में राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय योजना के विस्तार की दिशा में 100 और सरकारी स्कूलों को इस मॉडल से जोड़ने की तैयारी की है। अभी झारखंड में ऐसे 80 विद्यालय संचालित हैं। नए स्कूल जुड़ने के बाद इनकी संख्या 180 हो जाएगी। इस विस्तार के लिए 721.43 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है और शैक्षणिक सत्र 2027-28 से पढ़ाई शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रस्तावित 100 विद्यालयों का शैक्षणिक स्वरूप एक जैसा नहीं होगा। उपलब्ध विवरण के अनुसार, 22 स्कूलों में कक्षा एक से दसवीं, 48 में कक्षा एक से बारहवीं, छह में कक्षा छह से बारहवीं और 24 विद्यालयों में कक्षा नौ से बारहवीं तक पढ़ाई की व्यवस्था होगी। इन्हें सीबीएसई के अनुरूप विकसित करने की योजना है और छह महीने के भीतर संबद्धता संबंधी प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वीकृत राशि से विद्यालयों की आधारभूत और शैक्षणिक सुविधाओं को मजबूत किया जाना है। योजना में स्मार्ट कक्षाएं, आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं, कंप्यूटर लैब और डिजिटल पुस्तकालय जैसी सुविधाएं विकसित करने पर जोर है। स्कूलों की मौजूदा स्थिति और जरूरत का आकलन झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से किया जा रहा है। अधिकारी और अभियंता भवन, कक्षाओं तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की मैपिंग कर रहे हैं।
शिक्षकों की उपलब्धता को भी योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। सरकार ने अगले छह से आठ महीनों में किसी विद्यालय को केवल एक शिक्षक के भरोसे नहीं रहने देने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए शिक्षकों की नियुक्ति और प्रशिक्षण पर ध्यान देने की बात कही गई है। योजना को आगे प्रखंड और पंचायत स्तर तक ले जाने की तैयारी है, जबकि दीर्घकालिक लक्ष्य चार से पांच हजार सरकारी विद्यालयों को उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित करना है।
मौजूदा उत्कृष्ट विद्यालयों में प्रवेश कक्षा की प्रकृति के अनुसार अलग-अलग तरीके से होता है। बाल वाटिका और कक्षा एक में लिखित परीक्षा नहीं होती तथा पहले दो किलोमीटर, फिर सात किलोमीटर के दायरे में रहने वाले बच्चों को प्राथमिकता मिलती है। आवेदन अधिक होने पर चयन लॉटरी से किया जाता है। कक्षा छह और नौ सहित उच्च कक्षाओं में प्रवेश के लिए लिखित परीक्षा का प्रावधान है।
आवेदन प्रक्रिया सामान्यतः जनवरी-फरवरी में शुरू होती है। अभिभावक संबंधित विद्यालय से ऑफलाइन प्रपत्र लेने के साथ ई-विद्यावाहिनी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। चयन के बाद जन्म प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, अपार आईडी या पीईएन नंबर, पिछली कक्षा की अंकतालिका अथवा स्थानांतरण प्रमाणपत्र और तस्वीर जैसे दस्तावेज जमा करने होते हैं। विशेष कोटे का लाभ लेने वालों को संबंधित प्रमाणपत्र भी देना होता है।