पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी कॉलेज में गुरुवार को 56वां राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, एनएसएस इकाई के सदस्य, स्वयंसेवक और छात्र-छात्राएं शामिल हुए। इस दौरान विद्यार्थियों के सामाजिक जुड़ाव तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्यों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में एनएसएस स्वयंसेवक बासमती मुर्मू, पायल बेहरा, समिता गोप और मनीष कुमार पान ने सेवा गतिविधियों से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने समाज के प्रति विद्यार्थियों की जिम्मेदारियों पर भी विचार रखे। आयोजन का केंद्र युवाओं में अनुशासन, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना रहा।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनोजित विश्वास ने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में एनएसएस की भूमिका रेखांकित की। उन्होंने बताया कि स्वयंसेवक कॉलेज परिसर तक सीमित नहीं रहते, बल्कि गांवों और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को जागरूक करने का काम भी करते हैं।
कार्यक्रम में एनएसएस स्वयंसेवकों की स्वच्छता संबंधी गतिविधियों का भी उल्लेख किया गया। बताया गया कि स्वयंसेवकों ने गिरजाघर, मंदिर और मस्जिद जैसे धार्मिक स्थलों की सफाई में भाग लेकर स्वच्छता के साथ सामाजिक एकता और सद्भाव का संदेश दिया। प्राचार्य ने उनसे आगे भी जिम्मेदारी के साथ सेवा कार्य जारी रखने का आह्वान किया।
उपस्थित शिक्षकों ने शिक्षा, स्वच्छता, नशामुक्ति और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता अभियान आगे बढ़ाने के लिए स्वयंसेवकों को प्रेरित किया। विचार रखने वालों में प्रो. पीएन महतो, साबिद हुसैन, कुलजिंदर सिंह, भवानी कुमारी, नरेश पान, तन्मय मंडल, शांति पूर्ति और सुमन चतोम्बा शामिल थे।
कार्यक्रम का संचालन साबिद हुसैन ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन भवानी कुमारी ने दिया। आयोजन में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों और विद्यार्थियों की भागीदारी रही। वक्ताओं ने एनएसएस को पढ़ाई के साथ समाज की आवश्यकताओं को समझने और जनहित के विषयों पर सक्रिय योगदान देने का माध्यम बताया।