गिरिडीह में हाथी के हमले से घायल बुधन यादव की रिम्स में इलाज के दौरान मौत

बिरनी प्रखंड के बंगराकला गांव में हाथी के हमले से घायल 60 वर्षीय बुधन यादव ने करीब 15 दिन के इलाज के बाद रांची के रिम्स में दम तोड़ दिया। वन विभाग ने आश्रितों को तत्काल 50 हजार रुपये दिए हैं।

2 मिनट पढ़ें 6 बार पढ़ी गई
गिरिडीह के बंगराकला गांव में बुधन यादव को श्रद्धांजलि देते लोग

गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड स्थित बंगराकला गांव में हाथी के हमले से गंभीर रूप से घायल 60 वर्षीय बुधन यादव की रांची के रिम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने रविवार सुबह करीब नौ बजे अंतिम सांस ली। उनका पार्थिव शरीर सोमवार तड़के गांव पहुंचा, जिसके बाद ग्रामीणों के सहयोग से अंतिम संस्कार किया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, 25 सितंबर की रात बंगराकला गांव में हाथी ने हमला किया था। इस घटना में बुधन यादव और उनके छोटे भाई 58 वर्षीय महादेव यादव गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दोनों को इलाज के लिए धनबाद के अशर्फी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

बुधन यादव की हालत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स भेज दिया था। वहां करीब 15 दिनों तक उनका उपचार चला, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। उनके परिवार में दो पुत्र और चार पुत्रियां हैं।

बुधन यादव का पार्थिव शरीर गांव पहुंचने के बाद बगोदर विधायक नागेंद्र महतो, प्रखंड प्रमुख रामु बैठा और भाजपा के कई नेता व कार्यकर्ता उनके घर पहुंचे। उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। बुधन यादव भाजपा से जुड़े कार्यकर्ता थे।

वन विभाग की ओर से वनपाल योगेंद्र प्रसाद और अबोध महथा भी मृतक के घर पहुंचे। विभागीय कर्मियों ने आश्रितों को तत्काल सहायता के रूप में 50 हजार रुपये दिए। उन्होंने बताया कि जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुआवजे की शेष राशि भी प्रदान की जाएगी।

घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने हाथियों के हमलों से गांव के लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस उपाय करने का आग्रह किया है। बुधन यादव के निधन से बंगराकला गांव में शोक का माहौल है।