गिरिडीह से स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यहां 22 करोड़ रुपये की लागत से बना अस्पताल दो साल बाद भी डॉक्टर के बिना चल रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अस्पताल बनने के बावजूद डॉक्टर की उपलब्धता नहीं होने से लोगों को परेशानी हो रही है। यह मामला स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल से जुड़ा सार्वजनिक हित का विषय है।
उपलब्ध जानकारी में अस्पताल के संचालन, डॉक्टरों की तैनाती या विभागीय कार्रवाई के बारे में और विवरण नहीं है। इसलिए मामले को रिपोर्ट में दिए गए तथ्यों तक ही सीमित रखा गया है।