गुमला जिले के अमलिया, रायकेरा और आसपास के ग्रामीण एवं वन क्षेत्रों में पिछले चार दिनों से जंगली हाथियों का झुंड घूम रहा है। शाम ढलने के बाद हाथियों के खेतों और गांवों के पास पहुंचने से स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों को अपनी सुरक्षा के साथ धान की फसल के नुकसान का भी डर सता रहा है।
हाथियों की लगातार मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद वन विभाग ने प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। करीब 10 से 11 वनकर्मी रातभर गश्त कर रहे हैं। टीम टॉर्च और लाउडस्पीकर से लैस वाहन के साथ अमलिया-रायकेरा तथा आसपास के क्षेत्रों में हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है।
वनकर्मी लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को रात में अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दे रहे हैं। ग्रामीणों से खेतों और जंगल की ओर जाने से बचने को भी कहा गया है, ताकि हाथियों के साथ अचानक आमना-सामना होने का जोखिम कम किया जा सके।
वन विभाग के कर्मचारियों ने लोगों से हाथी दिखाई देने पर उसके पास नहीं जाने की अपील की है। ग्रामीणों को हाथियों को छेड़ने, घेरने या स्वयं भगाने का प्रयास नहीं करने के लिए भी आगाह किया गया है। विभाग के अनुसार भीड़ लगाकर झुंड का पीछा करने से स्थिति गंभीर हो सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाथियों के खेतों में प्रवेश करने पर तैयार हो रही धान की फसल को नुकसान पहुंच सकता है। आबादी के नजदीक झुंड की आवाजाही के कारण किसी अप्रिय घटना की आशंका भी बनी हुई है। इसी वजह से रात के समय विशेष सावधानी बरतने पर जोर दिया जा रहा है।
वन विभाग की टीम हाथियों की दिशा और गतिविधियों की निगरानी करते हुए उन्हें सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास कर रही है। लोगों से कहा गया है कि झुंड नजर आने पर तत्काल विभाग को सूचना दें और मौके पर भीड़ जमा न करें। फिलहाल प्रभावित क्षेत्र में रात्रि गश्त और चेतावनी का क्रम जारी है।