गुमला जिले के दूरस्थ चैनपुर, डुमरी और जारी प्रखंडों में मरीजों की सुविधा के लिए निजी एंबुलेंस की व्यवस्था की जा रही है। सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध होने तक तीनों प्रखंडों के स्वास्थ्य केंद्रों में एक-एक निजी एंबुलेंस रखी जाएगी। मरीजों को यह सेवा नि:शुल्क देने का निर्णय लिया गया है।
यह व्यवस्था उपायुक्त दिलेश्वर महतो, उप विकास आयुक्त और सिविल सर्जन डॉ. शंभुनाथ चौधरी के सहयोग से शुरू की जा रही है। सिविल सर्जन के अनुसार, तीनों प्रखंडों में निजी एंबुलेंस बहुत जल्द उपलब्ध करा दी जाएगी। इससे स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने वाले जरूरतमंद मरीजों को वाहन के लिए अलग से परेशान नहीं होना पड़ेगा।
निजी एंबुलेंस के संचालन में आने वाले ईंधन खर्च और निर्धारित किराये का भुगतान स्वास्थ्य विभाग करेगा। इस कारण मरीज या उनके परिजनों से यात्रा का शुल्क नहीं लिया जाएगा। योजना का उद्देश्य गंभीर और जरूरतमंद मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में सहायता देना है।
सेवा के संचालन और निगरानी के लिए एक व्हाट्सऐप समूह भी बनाया गया है। इसमें सिविल सर्जन, संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी और एंबुलेंस चालक जुड़े रहेंगे। मरीज या परिजन के अनुरोध के बाद आवश्यकता के आधार पर एंबुलेंस उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
तय व्यवस्था के मुताबिक एंबुलेंस मरीज को संबंधित प्रखंड से गुमला सदर अस्पताल तक पहुंचाएगी। इसके बाद वाहन अपने प्रखंड में वापस लौटेगा, ताकि किसी दूसरे जरूरतमंद मरीज के लिए भी उसे उपलब्ध कराया जा सके। इस प्रक्रिया से सीमित संसाधनों के बीच सेवा को लगातार संचालित रखने की योजना है।
चैनपुर, डुमरी और जारी में लंबे समय से एंबुलेंस की कमी बताई गई है। ऐसे में वैकल्पिक निजी वाहनों की यह व्यवस्था दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। सेवा शुरू होने के बाद स्वास्थ्य केंद्रों, चालकों और जिला स्तर के अधिकारियों के बीच समन्वय की निगरानी व्हाट्सऐप समूह के माध्यम से की जाएगी।