गुमला में डिजिटल क्रॉप सर्वे का 31 प्रतिशत काम पूरा, चार दिनों में बढ़ेगी रफ्तार

गुमला के 12 प्रखंडों में 14.40 लाख से अधिक फसलों का डिजिटल रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य है। अब तक 4.47 लाख से अधिक सर्वे पूरे हुए हैं।

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गुमला जिले में खेत और फसलों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करता सर्वे कर्मी

गुमला जिले में खेतों और उनमें लगी फसलों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के लिए चल रहे डिजिटल क्रॉप सर्वे में अब तक लक्ष्य का करीब 31.09 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। जिले के 12 प्रखंडों में कुल 14,40,040 फसलों के सर्वे का लक्ष्य रखा गया है। इसके मुकाबले 4,47,649 सर्वे पूरे किए जा चुके हैं, जबकि 1,63,817 सर्वे को स्वीकृति मिली है।

प्रखंडवार आंकड़ों के अनुसार, कामडारा प्रगति के मामले में आगे है। यहां 1,52,659 के लक्ष्य के विरुद्ध 62,569 सर्वे हुए हैं और 29,552 को स्वीकृति दी गई है। वहीं, गुमला प्रखंड में जिले में सबसे अधिक 64,335 सर्वे पूरे किए गए हैं। इस प्रखंड का लक्ष्य 1,72,168 है और 16,475 सर्वे स्वीकृत हुए हैं।

अन्य प्रखंडों में रायडीह में 45,928, भरनो में 45,790, पालकोट में 45,396, सिसई में 39,163 और बसिया में 34,665 सर्वे पूरे हुए हैं। घाघरा में 31,942, डुमरी में 24,901, चैनपुर में 19,887, जारी में 19,019 और बिशुनपुर में 14,054 फसलों का सर्वे दर्ज किया गया है।

सर्वे के दौरान कर्मी खेत पर पहुंचकर मोबाइल आधारित प्रणाली में संबंधित भूमि और फसल की जानकारी दर्ज करते हैं। इस प्रक्रिया में खेत का स्थान, वहां लगी फसल का प्रकार और खेती से जुड़े आवश्यक विवरण शामिल किए जाते हैं। इसका उद्देश्य कागजी रिकॉर्ड पर निर्भरता कम करते हुए वास्तविक फसल स्थिति का डिजिटल आंकड़ा तैयार करना है।

डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में बोई गई फसलों की जानकारी व्यवस्थित रूप से मिल सकेगी। इससे फसल क्षति की स्थिति में बीमा दावों के सत्यापन और फसल सत्यापन की प्रक्रिया में सुविधा मिलने की उम्मीद है। कृषि विभाग को फसलवार आंकड़े मिलने से योजनाओं की तैयारी, कृषि ऋण और किसान हित की योजनाओं के क्रियान्वयन में भी मदद मिल सकती है।

तकनीकी विशेषज्ञ अजीत कुमार के अनुसार, अगले चार दिनों में सर्वे और उसकी स्वीकृति के काम में तेजी लाई जाएगी। फिलहाल पूर्ण सर्वे और स्वीकृत सर्वे की संख्या में अंतर है, इसलिए अभियान के अगले चरण में नई प्रविष्टियों के साथ लंबित रिकॉर्ड की स्वीकृति भी महत्वपूर्ण रहेगी।