गुमला में महिला उद्यमियों के लिए झारखंड उद्यम संवर्धन कार्यक्रम शुरू

गुमला में शुरू हुए उद्यम संवर्धन कार्यक्रम के तहत ग्रामीण महिला उद्यमियों को प्रशिक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, आसान ऋण, बेहतर पैकेजिंग और बाजार से जुड़ने में सहायता दी जाएगी।

2 मिनट पढ़ें 4 बार पढ़ी गई
झारखंड24 का पूर्ण लोगो—प्रकाशक की लोगो-मात्र छवि के स्थान पर

गुमला में बुधवार को ग्रामीण महिला उद्यमियों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से झारखंड उद्यम संवर्धन कार्यक्रम की शुरुआत हुई। यह पहल झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी और भारतीय प्रबंधन संस्थान इनक्यूबेशन एंड मेंटरशिप इनिशिएटिव के संयुक्त तत्वावधान में शुरू की गई है। कार्यक्रम का लक्ष्य महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों की व्यावसायिक क्षमता बढ़ाना है।

कार्यक्रम के तहत उद्यमियों को क्षमता निर्माण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता से जोड़ने की योजना है। उन्हें शून्य प्रतिशत ब्याज पर आसान ऋण उपलब्ध कराने के साथ उत्पादों की अलग पहचान विकसित करने, पैकेजिंग सुधारने और बाजार तक पहुंच बढ़ाने में सहयोग दिया जाएगा। इससे ग्रामीण कारोबार को अधिक व्यवस्थित ढंग से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

शुभारंभ कार्यक्रम में उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की उद्यम गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने रागी प्रसंस्करण इकाई, कस्तूरी उत्पादन और अन्य नए उद्यमों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। साथ ही उत्पादों की गुणवत्ता और पैकेजिंग बेहतर करने तथा बाजार की मांग के अनुसार कारोबार को अद्यतन रखने की जरूरत बताई।

उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन ने गुमला में पर्यटन से जुड़ी उद्यम संभावनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने पर्यटकों के लिए घरों में ठहरने की सुविधा विकसित करने तथा किराये पर बाइक, भोजन और दूसरी जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने की बात कही। ऐसी गतिविधियों से स्थानीय स्तर पर महिलाओं के लिए आय के नए अवसर तैयार हो सकते हैं।

जिला परिषद अध्यक्ष किरण माला बाड़ा ने उद्यमी महिलाओं से कार्यक्रम में उपलब्ध सुविधाओं का बेहतर उपयोग करने का आग्रह किया। आयोजन में जिला परिषद उपाध्यक्ष संयुक्ता देवी के साथ विभिन्न प्रखंडों की उद्यमी दीदियां, बैंक सखी, सामुदायिक संसाधन व्यक्ति और व्यवसाय विकास सेवा प्रदाता भी शामिल हुए।

कार्यक्रम का संचालन जिला कार्यक्रम प्रबंधक शैलेंद्र जरिका ने किया। नई पहल में प्रशिक्षण, पूंजी तक पहुंच, उत्पाद विकास और विपणन को एक साथ जोड़ने पर ध्यान रखा गया है। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिला उद्यमियों को अपना व्यवसाय मजबूत करने और बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।