गुमला में राजी पड़हा के दीवान को झारखंड के मूल पड़हा के निबंधन का निर्देश

गुमला में राजी पड़हा के दीवान बसंत कुमार भगत ने बेल खुदी भगत दुखी से मुलाकात की। इस दौरान झारखंड के सभी मूल पड़हा का निबंधन कराने और संगठन की आगामी बैठक पर चर्चा हुई।

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गुमला में पड़हा व्यवस्था और मूल पड़हा के निबंधन पर चर्चा करते प्रतिनिधि

गुमला में राजी पड़हा के दीवान बसंत कुमार भगत को झारखंड के सभी मूल पड़हा का निबंधन कराने का निर्देश दिया गया है। यह निर्देश राजी पड़हा के बेल खुदी भगत दुखी ने मुलाकात के दौरान दिया। इस पहल को पड़हा व्यवस्था को संगठित और मजबूत बनाने की दिशा में एक कदम बताया गया है।

बसंत कुमार भगत गुमला पहुंचकर खुदी भगत दुखी से मिले और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। दोनों के बीच देश के विभिन्न हिस्सों में संचालित पड़हा व्यवस्था पर बातचीत हुई। इसी क्रम में झारखंड के मूल पड़हा के निबंधन का विषय सामने आया और आगे की प्रक्रिया बढ़ाने को कहा गया।

बैठक के बाद बसंत कुमार भगत ने बताया कि 11 अक्टूबर को जशपुर स्थित दीपू बगीचा में राजी पड़हा की बैठक बुलाई गई है। इसमें अलग-अलग क्षेत्रों के पदाधिकारी पड़हा व्यवस्था की वर्तमान स्थिति और उसके संचालन से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे।

प्रस्तावित बैठक में झारखंड के अलावा असम, बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विभिन्न पड़हा तथा मूल पड़हा के पदाधिकारियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। बैठक का प्रमुख उद्देश्य विभिन्न राज्यों में चल रही व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को साझा करना और उसे मजबूत करने के उपायों पर चर्चा करना है।

राजी पड़हा से जुड़े पदाधिकारी बैठक में आगे की कार्ययोजना पर भी विचार करेंगे। झारखंड के मूल पड़हा का निबंधन इसी व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि निबंधन की समयसीमा अथवा इसकी विस्तृत प्रक्रिया के बारे में उपलब्ध जानकारी में कोई विवरण नहीं दिया गया है।

गुमला में हुई मुलाकात के दौरान महेंद्र उरांव काहतो, मूल पड़हा के राज बेल उरांव, परामर्शदात्री सदस्य हिंदू भगत, सामाजिक कार्यकर्ता और झारखंड के पादा पड़हा के बेल राजू उरांव समेत अन्य लोग उपस्थित थे। अब 11 अक्टूबर की बैठक में अलग-अलग राज्यों के प्रतिनिधियों के बीच होने वाली चर्चा के आधार पर आगामी कदम तय किए जाने की संभावना है।