गोड्डा जिले के मेहरमा क्षेत्र की 25 वर्षीय ज्योति प्रिया ने स्वयं सहायता समूह से मिले 30 हजार रुपये के ऋण को स्वरोजगार का आधार बनाया। उन्होंने इस राशि से अपने पति दिनेश कुमार ठाकुर को फल की दुकान खोलने में सहायता की। परिवार की आय बढ़ाने की इस पहल के बाद ज्योति ने बैंक सखी के रूप में भी काम शुरू किया और अब ग्रामीण महिलाओं तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने में सहयोग कर रही हैं।
ज्योति वर्ष 2020 में भलुआ के मां भगवती स्वयं सहायता समूह से जुड़ी थीं। उस समय उनके पति दिहाड़ी मजदूरी करते थे और परिवार की आर्थिक जरूरतें पूरी करने में कठिनाई हो रही थी। समूह से ऋण मिलने के बाद खोली गई दुकान में अब फलों के साथ पूजा सामग्री भी बेची जाती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इससे हर महीने करीब 10 से 12 हजार रुपये की आय हो रही है।
स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद ज्योति ने अपनी कार्यक्षमता बढ़ाई और मेहरमा के डोय सीएलएफ से भी संबद्ध हुईं। जनवरी 2024 में बैंक सखी के पद के लिए निकले विज्ञापन के आधार पर उन्होंने विभागीय परीक्षा दी। परीक्षा में सफल होने के बाद उनका चयन हुआ और वर्तमान में वह भारतीय स्टेट बैंक की डोय शाखा में बैंक सखी के रूप में कार्यरत हैं।
बैंक सखी के तौर पर ज्योति महिलाओं के व्यक्तिगत बचत खाते और स्वयं सहायता समूहों के खाते खुलवाने में सहायता करती हैं। वह कैश क्रेडिट लिमिट, ऋण वापसी, मुद्रा ऋण, बीमा, पेंशन और बैंक में जमा-निकासी से जुड़े कार्यों में भी सहयोग देती हैं। ऋण आवेदन और बीमा दावे जैसी प्रक्रियाओं में मार्गदर्शन भी उनकी जिम्मेदारियों में शामिल है।
इसके अतिरिक्त वह आधार, पैन और राशन कार्ड से संबंधित डिजिटल कार्यों तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और अटल पेंशन योजना जैसी योजनाओं से महिलाओं को जोड़ने में मदद कर रही हैं। मंइयां सम्मान योजना से जुड़े डिजिटल काम में भी वह सहयोग देती हैं। इससे ग्रामीणों को कई आवश्यक सेवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर सहायता मिल रही है।
ज्योति की यात्रा बताती है कि स्वयं सहायता समूह से मिला सीमित ऋण भी परिवार की आय और रोजगार का आधार बन सकता है। उनके पति दुकान संभालकर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में जुटे हैं, जबकि ज्योति बैंकिंग और सरकारी योजनाओं की प्रक्रियाओं में दूसरी ग्रामीण महिलाओं का साथ दे रही हैं। डोय सीएलएफ, प्रखंड परियोजना प्रबंधन और संबंधित बैंक शाखा के अधिकारियों ने भी उनके काम की सराहना की है।