जामताड़ा में 108 एंबुलेंस कर्मियों का भिक्षाटन प्रदर्शन, साढ़े तीन माह का मानदेय मांगा

जामताड़ा में 108 एंबुलेंस कर्मियों ने लंबित मानदेय और श्रमिक अधिकारों की मांग को लेकर भिक्षाटन कर विरोध जताया। सिविल सर्जन ने उच्च अधिकारियों को पत्र लिखने की बात कही है।

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जामताड़ा में बकाया मानदेय की मांग को लेकर प्रदर्शन करते एंबुलेंस कर्मचारी

जामताड़ा में 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों ने सोमवार को भिक्षाटन कर अपना विरोध दर्ज कराया। झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ के अनुसार, कर्मियों को साढ़े तीन माह से मानदेय नहीं मिला है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने लंबित भुगतान जल्द करने के साथ पुनर्बहाली और श्रमिक अधिकार सुनिश्चित करने की मांग रखी।

संघ का कहना है कि लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। एंबुलेंस कर्मी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े आवश्यक दायित्व निभाते हैं, लेकिन नियमित मानदेय नहीं मिलने से उनके परिवारों के रोजमर्रा के खर्च और अन्य आर्थिक जरूरतें प्रभावित हो रही हैं।

संघ के जिला अध्यक्ष सुरेश रवानी ने एंबुलेंस कर्मचारियों को स्वास्थ्य व्यवस्था का अहम हिस्सा बताते हुए उनकी समस्याओं के समाधान की मांग की। कर्मचारियों ने मानदेय के अलावा कर्मचारी भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा, ओवरटाइम और न्यूनतम वेतन जैसे श्रमिक अधिकार उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठाया।

जामताड़ा के सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि एंबुलेंस चालकों के भुगतान की जिम्मेदारी सम्मान फाउंडेशन की है। उनके अनुसार, कर्मचारियों ने तीन माह का भुगतान बकाया होने की जानकारी दी है। उन्होंने समस्या के समाधान के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखने की बात कही।

जिले में एंबुलेंस सेवाओं की मौजूदा स्थिति पर सिविल सर्जन ने बताया कि कुल 13 एंबुलेंस में से नौ काम कर रही हैं। उपलब्ध जानकारी में बाकी चार वाहनों के संचालन की स्थिति या उनके बंद रहने का कारण स्पष्ट नहीं किया गया है। प्रदर्शन के बीच कर्मचारियों ने अपनी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई।

भिक्षाटन कार्यक्रम में संघ के कोषाध्यक्ष राजीव पंडित समेत कई एंबुलेंस कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शन का केंद्र बकाया मानदेय का भुगतान रहा, जबकि कर्मचारियों ने सेवा से जुड़े दूसरे अधिकारों को भी सरकार के सामने रखा। फिलहाल प्रशासन की ओर से उच्च स्तर पर पत्राचार करने का आश्वासन सामने आया है।