गोड्डा जिले के महगामा प्रखंड की विश्वासखानी पंचायत में योजनाओं के भुगतान से जुड़े जीएसटी बिलों की जांच में अनियमितता सामने आई है। लोकायुक्त के आदेश पर वाणिज्य कर विभाग ने मामले की जांच की। रिपोर्ट के आधार पर लोकायुक्त ने चार प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई करने की अनुशंसा की है।
मामला वर्ष 2018-19 की पंचायत योजनाओं से संबंधित बिलों का है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, छह प्रतिष्ठानों ने कुल 74 बिल जारी किए थे, जिनकी राशि 48 लाख 83 हजार 883 रुपये 21 पैसे बताई गई है। जांच में छह में से चार प्रतिष्ठानों से जुड़े दस्तावेजों में फर्जीवाड़े के साक्ष्य मिलने की बात कही गई है।
जांच रिपोर्ट में मेसर्स शारदा इंटरप्राइजेज, मेसर्स भगत हार्डवेयर और मेसर्स कृति इंटरप्राइजेज से जुड़े जीएसटी नंबरों को फर्जी पाया गया। मेसर्स जीएन इंटरप्राइजेज के बारे में कहा गया कि जीएसटी नंबर नहीं होने के बावजूद बिल में जीएसटी लिया गया। ये निष्कर्ष वाणिज्य कर विभाग की जांच के आधार पर दर्ज किए गए हैं।
इस प्रकरण की शिकायत वर्ष 2021 में की गई थी। शिकायत में पंचायत की योजनाओं के लिए 14वें वित्त आयोग और बालू घाट निधि से मिली राशि में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाया गया था। शिकायतकर्ता ने तत्कालीन पंचायत प्रतिनिधियों, एक पूर्व पंचायत सेवक, कुछ प्रतिष्ठानों और अन्य पदाधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की थी।
लोकायुक्त जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता ने जांच रिपोर्ट मिलने के बाद वाणिज्य कर विभाग को संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध विधिसम्मत कदम उठाने की अनुशंसा की है। विभाग से इस संबंध में की गई कार्रवाई का विवरण 15 दिसंबर तक लोकायुक्त कार्यालय को सौंपने को कहा गया है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी प्रतिष्ठानों के बिल और जीएसटी विवरण की विभागीय जांच तक सीमित है। शिकायत में नामित अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध अंतिम कानूनी निष्कर्ष का उल्लेख नहीं है। आगे की स्थिति वाणिज्य कर विभाग की कार्रवाई और लोकायुक्त को सौंपी जाने वाली रिपोर्ट से स्पष्ट होगी।