गोड्डा-पाकुड़ रेल लाइन को इसी वर्ष स्वीकृति मिलने की उम्मीद जताई गई है। गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात के बाद यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि बैठक में गोड्डा लोकसभा क्षेत्र के साथ झारखंड और बिहार की लंबित रेल योजनाओं तथा स्थानीय एवं लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन से जुड़े प्रस्ताव रखे गए।
सांसद के अनुसार, रेल मंत्री के साथ बातचीत में गोड्डा-पाकुड़ रेल लाइन को इसी वर्ष स्वीकृति देने पर सकारात्मक सहमति बनी है। हालांकि, परियोजना से संबंधित औपचारिक विभागीय आदेश या निर्माण कार्यक्रम की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में आगे की प्रक्रिया रेल मंत्रालय की आधिकारिक स्वीकृति और परियोजना संबंधी निर्णयों पर निर्भर करेगी।
निशिकांत दुबे ने यह भी दावा किया कि जसीडीह-चकाई-नवादा रेल लाइन को केंद्रीय रेल मंत्रालय की स्वीकृति मिल चुकी है। इसके अलावा जसीडीह स्टेशन पर दूसरा प्रवेश द्वार बनाने और स्टेशन को विश्वस्तरीय स्वरूप देने की योजना पर भी चर्चा हुई। उन्होंने बिहार के विक्रमशिला और भवानीपुर में विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन विकसित किए जाने की बात कही।
बैठक में गोड्डा और देवघर से भागलपुर, दुर्गापुर तथा रामपुरहाट के लिए स्थानीय ट्रेनें चलाने का आग्रह भी रखा गया। सांसद के मुताबिक, इन सेवाओं के परिचालन पर रेल मंत्रालय ने सहमति दी है। प्रस्तावित सेवाओं की समय-सारणी, मार्ग, ठहराव और शुरुआत की तारीख से जुड़ा विवरण अभी उपलब्ध नहीं कराया गया है।
देवघर बाईपास रेलवे लाइन के उद्घाटन को लेकर भी जल्द कार्यक्रम तय होने की बात कही गई है। सांसद ने बताया कि इसका उद्घाटन रेल मंत्री करेंगे और रेलवे की ओर से कार्यक्रम निर्धारित किया जा रहा है। इसके साथ ही देवघर में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क के लिए नई इमारत की अनुमति मिलने तथा विभागीय आदेश जल्द जारी होने का दावा भी किया गया।
गोड्डा-पाकुड़ लाइन की औपचारिक स्वीकृति मिलने पर संताल परगना के दो जिलों के बीच रेल संपर्क विस्तार की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। फिलहाल सांसद की ओर से साझा सूचनाओं के बाद संबंधित परियोजनाओं के आधिकारिक आदेश, क्रियान्वयन कार्यक्रम और प्रस्तावित रेल सेवाओं के विस्तृत विवरण की प्रतीक्षा है।