गोड्डा में टीबी उन्मूलन अभियान शुरू, 17 टीबी मुक्त पंचायतें सम्मानित

गोड्डा में टीबी मुक्त भारत अभियान और जोश टीम की शुरुआत के साथ 17 पंचायतों को सम्मान मिला। जिले में अभी 1,271 मरीजों का इलाज चल रहा है।

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गोड्डा में टीबी मुक्त भारत अभियान के कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधि और अधिकारी

गोड्डा जिले में टीबी उन्मूलन की मुहिम को तेज करते हुए ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ और ‘जोश टीम’ की शुरुआत की गई। कार्यक्रम में जिले की टीबी मुक्त घोषित 17 पंचायतों को सम्मानित किया गया। उद्घाटन डीडीसी विष्पुते श्रीकांत यशवंत, सिविल सर्जन डॉ. सुभाष चन्द्र शर्मा, नगर अध्यक्ष सुशील रमानी और राजद के कार्यकारी अध्यक्ष धनंजय यादव ने किया।

कार्यक्रम से केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ऑनलाइन जुड़े और अभियान के बारे में जानकारी दी। आयोजन में टीबी उन्मूलन को केवल स्वास्थ्य विभाग का काम न मानकर व्यापक सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने पर जोर दिया गया। लोगों तक बीमारी की जांच और उपचार से जुड़ी सूचना पहुंचाने के लिए सामुदायिक भागीदारी की आवश्यकता बताई गई।

जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. निर्मला बेसरा ने सामाजिक संगठनों और आम लोगों से ‘निक्षय मित्र’ बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को 15 दिनों से अधिक समय तक खांसी रहने पर उसकी जांच करानी चाहिए। अभियान के तहत लोगों को समय पर जांच कराने और उपचार जारी रखने के प्रति जागरूक किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, टीबी मरीजों को दवाओं के साथ बेहतर पोषण के लिए हर महीने 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। निक्षय मित्रों और समाज के सहयोग से मरीजों को पौष्टिक आहार वाली ‘फूड बास्केट’ भी उपलब्ध कराई जा रही है। विभाग ने कहा कि मरीज की पहचान होने के बाद उसके पूरे उपचार की जिम्मेदारी सरकार और स्वास्थ्य तंत्र उठाते हैं।

जिले में 2026 के दौरान अब तक 24,882 संभावित मरीजों के बलगम की निःशुल्क जांच हुई है। जनवरी से सितंबर के बीच 1,822 टीबी मरीज चिह्नित किए गए। सरकारी अस्पतालों में 1,404 के लक्ष्य के मुकाबले 1,352 और निजी अस्पतालों में 450 के लक्ष्य की तुलना में 470 मरीज मिले। सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलाकर फिलहाल 1,271 मरीज उपचाराधीन हैं।

विभागीय आंकड़ों में जिले की उपचार सफलता दर 66 प्रतिशत बताई गई है। इस वर्ष अब तक 1,592 मरीजों की दवा-प्रतिरोध संबंधी जांच की गई, जिनमें 32 मरीज चिह्नित हुए और उनका उपचार जारी है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले को पूरी तरह टीबी मुक्त बनाने के लिए सभी वर्गों से अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील की है।