गोड्डा में दुर्गापूजा के दौरान डीजे पर प्रतिबंध, उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी

गोड्डा जिला प्रशासन ने दुर्गापूजा और प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे के इस्तेमाल पर रोक लगाते हुए लाउडस्पीकर के समय और ध्वनि सीमा से जुड़े निर्देश जारी किए हैं।

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गोड्डा जिला प्रशासन ने दुर्गापूजा 2026 के दौरान शांति, विधि-व्यवस्था और आपसी सौहार्द बनाए रखने के लिए गोड्डा अनुमंडल क्षेत्र में डीजे के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है। प्रशासन ने पूजा समितियों, डीजे संचालकों और आम नागरिकों से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

प्रशासन की अपील के मुताबिक, दुर्गापूजा का आयोजन 11 से 20 अक्टूबर तक होना है। गोड्डा के शहरी क्षेत्र में 22 अक्टूबर और ग्रामीण इलाकों में 23 अक्टूबर को प्रतिमा विसर्जन प्रस्तावित है। त्योहार और विसर्जन के दौरान ध्वनि प्रदूषण नियंत्रित रखने के लिए ये पाबंदियां लागू की गई हैं।

प्रशासन ने झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि डीजे बजाते पकड़े जाने पर उपकरण जब्त किया जा सकता है। संबंधित दुकानदार और संचालक के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है। डीजे संचालकों तथा दुकानदारों को उपकरण किराये पर नहीं देने का निर्देश मिला है।

जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर और दूसरे ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग नहीं किया जाएगा। सुबह 6 बजे से रात 10 बजे के बीच भी निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन करना होगा। उत्तेजक, भड़काऊ या अश्लील गाने बजाने तथा विवादास्पद भाषण और नारे लगाने पर भी रोक रहेगी।

अस्पतालों, नर्सिंग होम, स्कूल-कॉलेज और न्यायालय परिसरों के 100 मीटर के दायरे को शांत क्षेत्र घोषित किया गया है। इन स्थानों के आसपास सक्षम प्राधिकार की लिखित अनुमति के बिना लाउडस्पीकर अथवा अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा।

प्रशासन के अनुसार, निर्देशों का उल्लंघन होने पर ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमावली, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, मोटर वाहन अधिनियम और अन्य संबद्ध प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। सभी पक्षों से निर्धारित नियमों के भीतर पूजा और विसर्जन कार्यक्रम संपन्न कराने तथा सौहार्द बनाए रखने को कहा गया है।