साहिबगंज में विशेष लोक अदालत और राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन की तैयारी शुरू हो गई है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष श्री सुभाष ने गुरुवार को न्यायिक पदाधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों और अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन की दिशा में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की।
झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर 21 नवंबर 2026 को परक्राम्य लिखत अधिनियम से जुड़े मामलों के लिए विशेष लोक अदालत आयोजित की जाएगी। इसके बाद 12 दिसंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत लगेगी। बैठक में दोनों आयोजनों से पहले जरूरी प्रक्रियाएं समय पर पूरी करने पर जोर दिया गया।
संबंधित न्यायिक पदाधिकारियों को ऐसे लंबित मामलों की पहचान करने का निर्देश दिया गया, जिनका समाधान पक्षकारों की आपसी सहमति से संभव है। उनसे पक्षकारों से समय रहते संपर्क करने, आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने और समझौते की संभावना वाले मामलों को प्राथमिकता देने को कहा गया।
विशेष लोक अदालत की चर्चा के दौरान चेक अनादरण यानी चेक बाउंस से जुड़े मामलों के शीघ्र निष्पादन पर खास ध्यान दिया गया। संबंधित न्यायालयों को अभिलेख समय पर उपलब्ध कराने और पक्षकारों से संपर्क कर समझौते की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए, ताकि पात्र मामलों का सौहार्दपूर्ण तरीके से निपटारा हो सके।
बैठक में कहा गया कि लोक अदालत आपसी सहमति और सुलह के आधार पर विवादों के समाधान का मंच है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव विश्वनाथ भगत को संबंधित न्यायालयों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
समझौता योग्य मामलों का नि:शुल्क और त्वरित समाधान चाहने वाले पक्षकार व्यवहार न्यायालय परिसर के मुख्य भवन में स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज से संपर्क कर सकते हैं। राजमहल अनुमंडल विधिक सेवा समिति में भी संपर्क की सुविधा उपलब्ध है। संबंधित पक्षकारों से निर्धारित तिथियों पर आयोजित लोक अदालतों में भाग लेने की अपील की गई है।