बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड स्थित ललपनिया के तिलका मांझी चौक पर जाला विस्थापित संघर्ष मोर्चा का चक्का जाम शुक्रवार को करीब पांच घंटे बाद स्थगित हो गया। लंबित पुनर्वास और नियोजन की मांग को लेकर मोर्चा ने अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया था। प्रशासन की ओर से वार्ता कराने और मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद आवागमन बहाल किया गया।
आंदोलनकारी 15 सितंबर से धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। शुक्रवार सुबह उन्होंने गेट जाम कर आवागमन रोक दिया। करीब 11 बजे गोमिया के अंचल अधिकारी आफताब आलम और इंस्पेक्टर अनिल कच्छप मौके पर पहुंचे तथा आंदोलनकारियों से बातचीत की।
अधिकारियों ने बताया कि बेरमो के अनुमंडल पदाधिकारी की पहल पर 27 सितंबर को टीटीपीएस ललपनिया के श्यामली गेस्ट हाउस में बैठक प्रस्तावित है। इसमें प्रबंधन के सक्षम पदाधिकारियों के साथ लंबित मांगों पर चर्चा की जाएगी। इस आश्वासन के बाद मोर्चा ने मौजूदा चक्का जाम रोकने का निर्णय लिया।
मोर्चा अध्यक्ष धनीराम मांझी के अनुसार, आंदोलन समाप्त नहीं किया गया है और अब संगठन की नजर प्रस्तावित वार्ता के नतीजे पर रहेगी। मोर्चा ने कहा है कि 27 सितंबर की बैठक में स्पष्ट और समयबद्ध फैसला नहीं हुआ तो 28 सितंबर से दोबारा चक्का जाम शुरू किया जाएगा।
मोर्चा की मांगों में 126 जाला विस्थापित परिवारों और कुसमांडो के प्रभावित परिवारों का स्थायी पुनर्वास शामिल है। संगठन पात्र विस्थापित परिवारों के सेवानिवृत्त आश्रितों के नियोजन, स्थायी स्थानीय नीति तथा शेष पात्र विस्थापितों को नियोजन देने की भी मांग कर रहा है। वार्ता में अधिकृत प्रतिनिधियों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई है।
इसके अतिरिक्त मोर्चा ने वर्ष 2013 की वार्ता के आधार पर प्रस्तावित 10 आवासों का लंबित निर्माण पूरा कराने की मांग की है। पुनर्वास के लिए पर्चा या पट्टा संबंधी प्रस्ताव बोकारो उपायुक्त को भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग भी उठाई गई है। अब आंदोलन का अगला कदम 27 सितंबर की बैठक में होने वाले निर्णय पर निर्भर करेगा।