पाकुड़ जिले में ग्रामीण महिलाओं को ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ने की पहल चल रही है। गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाली महिलाओं को सौंदर्य देखभाल से जुड़े व्यावहारिक कौशल सिखाए जा रहे हैं, ताकि वे प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अपने गांव में ही ब्यूटी पार्लर शुरू कर सकें।
इस प्रशिक्षण का संचालन झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी और भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से किया जा रहा है। योजना के तहत महिलाओं को हुनर सिखाने के साथ व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता से जोड़ने की भी तैयारी है।
प्रतिभागियों को हेयर कटिंग, स्पा, थ्रेडिंग, ब्लीच, वैक्सिंग, मेहंदी और ब्राइडल मेकअप का अभ्यास कराया जा रहा है। पाठ्यक्रम में पेडिक्योर, मैनिक्योर, त्वचा की देखभाल, मेकअप और हेयर स्टाइलिंग जैसे काम भी शामिल हैं। इसका उद्देश्य महिलाओं को स्थानीय मांग के अनुरूप सेवाएं देने के योग्य बनाना है।
प्रशिक्षण ले रही महिलाओं के अनुसार, वे अपने घरों में पार्लर खोलकर आमदनी अर्जित करना चाहती हैं। उनका कहना है कि इससे होने वाली आय का उपयोग परिवार की देखभाल और जीवनयापन की स्थिति बेहतर करने में किया जाएगा। गांव में सेवाएं मिलने से स्थानीय महिलाओं को विवाह, त्योहार और दूसरे आयोजनों के लिए शहर जाने की जरूरत भी कम हो सकेगी।
ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के वरिष्ठ संकाय अमित वर्द्धन ने बताया कि जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित महिलाओं को ऋण देकर व्यवसाय से जोड़ने की दिशा में काम किया जाता है। पार्लर शुरू करने की इच्छुक महिलाओं को मुद्रा ऋण और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से जोड़ने की योजना बताई गई है।
यह पहल प्रशिक्षण को केवल कौशल सीखने तक सीमित न रखकर उसे रोजगार से जोड़ने पर केंद्रित है। गांव में पार्लर खुलने पर महिलाओं को स्थानीय स्तर पर काम का अवसर मिलेगा, जबकि ग्राहकों को हेयर कटिंग, मेहंदी, मेकअप और दूसरी सौंदर्य सेवाएं नजदीक उपलब्ध हो सकेंगी।