लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड के केकराही गांव में खराब रास्ते ने एक परिवार की परेशानी और बढ़ा दी। मंगलवार को बबिता देवी का शव लेकर गांव जा रही एंबुलेंस कीचड़ में फंस गई। वाहन के आगे नहीं बढ़ पाने के बाद ग्रामीणों ने शव को कंधे पर उठाया और गांव तक पहुंचाया।
केकराही गांव माल्हन पंचायत में रेलवे लाइन और देवनद नदी के बीच स्थित है। गांव तक पहुंचने वाला रास्ता कच्चा है। बारिश शुरू होने पर इस मार्ग पर पानी और कीचड़ जमा हो जाता है, जिससे वाहनों का आवागमन कठिन हो जाता है। इस बार एंबुलेंस भी इसी रास्ते में आगे नहीं बढ़ सकी।
ग्रामीणों और मृतका के परिजनों ने एंबुलेंस को निकालने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बावजूद वाहन के गांव तक नहीं पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने शव को कंधे पर ले जाने का फैसला किया। इस दौरान परिजनों को भी कीचड़ भरे रास्ते से होकर गांव जाना पड़ा।
स्थानीय लोगों के अनुसार, वे आवागमन बनाए रखने के लिए पहले भी श्रमदान कर अस्थायी रास्ता तैयार करते रहे हैं। मिट्टी और पत्थर डालकर मार्ग को चलने योग्य बनाया जाता है, लेकिन तेज बारिश में यह व्यवस्था टिक नहीं पाती। इसके बाद चार पहिया वाहनों के साथ पैदल आने-जाने में भी दिक्कत होने लगती है।
ग्रामीण लंबे समय से देवनद नदी पर पुल और केकराही तक पक्की सड़क बनाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि स्थायी संपर्क मार्ग नहीं होने के कारण बरसात में गांव की पहुंच प्रभावित होती है। मंगलवार की घटना के बाद उन्होंने प्रशासन से पुल और सड़क निर्माण को प्राथमिकता देने की अपील दोहराई है।
चंदवा के प्रखंड विकास पदाधिकारी चंदन प्रसाद ने समस्या की जानकारी मिलने की बात कही है। उन्होंने परेशानी दूर करने के लिए शीघ्र पहल किए जाने का भरोसा दिया। हालांकि, उपलब्ध विवरण में प्रस्तावित काम की समयसीमा या निर्माण से संबंधित किसी स्वीकृति की जानकारी नहीं दी गई है।