चंदवा से निकले पूर्व सांसद ब्रज मोहन राम ओडिशा के राज्यपाल नियुक्त

लातेहार के चंदवा से राजनीतिक सफर शुरू करने वाले ब्रज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वह बिहार विधानसभा और लगातार तीन लोकसभाओं के सदस्य रह चुके हैं।

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ओडिशा के नवनियुक्त राज्यपाल और चंदवा निवासी पूर्व सांसद ब्रज मोहन राम

लातेहार जिले के चंदवा से अपना राजनीतिक सफर शुरू करने वाले पूर्व सांसद ब्रज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। ग्रामीण परिवेश से बिहार विधानसभा और फिर संसद तक पहुंचे राम के सार्वजनिक जीवन में यह नई संवैधानिक जिम्मेदारी जुड़ी है।

ब्रज मोहन राम का जन्म 1 जनवरी 1958 को तत्कालीन बिहार के पलामू जिले के चंदवा में हुआ था, जो अब लातेहार जिले में है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक उनके पिता अर्जुन राम बैठा और माता चैती देवी थीं। उन्होंने लोहरदगा के बीएस कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की और उनका पेशा कृषि रहा है।

राम ने 1991 से 1995 तक लातेहार विधानसभा क्षेत्र का बिहार विधानसभा में प्रतिनिधित्व किया। यह वह समय था जब झारखंड अलग राज्य नहीं बना था। विधानसभा के बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति का रुख किया और लगातार तीन बार लोकसभा पहुंचे।

वह 1996 में 11वीं, 1998 में 12वीं और 1999 में 13वीं लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। इस दौरान उन्हें संसदीय कामकाज के साथ अलग-अलग विषयों से जुड़ी समितियों में कार्य करने का अवसर मिला। उनके संसदीय अनुभव में गृह, ऊर्जा, कोयला, परिवहन और पर्यटन जैसे क्षेत्र शामिल रहे।

राम अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति, इस्पात एवं खान मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति और ऊर्जा समिति से भी जुड़े रहे। वह रेल मंत्रालय की सलाहकार समिति में स्थायी विशेष आमंत्रित सदस्य रहे, जबकि 2000 से 2004 के बीच परिवहन एवं पर्यटन समिति में जिम्मेदारी निभाई।

राज्यपाल के रूप में उनकी भूमिका निर्वाचित प्रतिनिधि की पिछली जिम्मेदारियों से अलग होगी। यह पद राज्य के संवैधानिक प्रमुख का है और इसके दायित्व संविधान में निर्धारित व्यवस्था के अनुसार निभाए जाते हैं। चंदवा से शुरू हुआ उनका सफर अब ओडिशा के राजभवन तक पहुंच गया है।