चक्रवात अर्नब के मद्देनजर पलामू में एनडीआरएफ की 30 सदस्यीय टीम तैनात

पलामू में तैनात एनडीआरएफ की टीम गढ़वा, लातेहार और लोहरदगा में भी जरूरत के अनुसार जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

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चक्रवात अर्नब के मद्देनजर पलामू में तैनात एनडीआरएफ की टीम

चक्रवात अर्नब के संभावित असर को देखते हुए पलामू में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 30 सदस्यीय टीम तैनात की गई है। यह टीम 30 अक्टूबर तक जिले में मौजूद रहेगी और जरूरत पड़ने पर पलामू के अलावा गढ़वा, लातेहार तथा लोहरदगा में भी राहत और बचाव कार्य के लिए जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से मौसम को लेकर सावधानी बरतने की अपील की है।

पलामू में टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर दिनेश अवस्थी कर रहे हैं, जबकि सब इंस्पेक्टर संदीप सेकंड कमान की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इंस्पेक्टर अवस्थी के अनुसार, टीम चौबीस घंटे तैयार है। किसी आपदा की सूचना मिलने पर उपलब्ध उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचकर तत्काल सहायता देने का प्रयास किया जाएगा।

एनडीआरएफ की तैयारी में बाढ़ के पानी में बचाव, चक्रवात के दौरान भवन गिरने की स्थिति से निपटना और अवरुद्ध सड़क को खोलना शामिल है। टीम के पहले से क्षेत्र में मौजूद रहने का उद्देश्य किसी संभावित घटना के बाद प्रतिक्रिया में लगने वाले समय को कम करना है।

जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी जयराम सिंह यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने चक्रवात को ध्यान में रखते हुए एनडीआरएफ की तैनाती की है। उनके मुताबिक, जिला प्रशासन भी किसी आपात स्थिति में सहायता पहुंचाने के लिए चौबीस घंटे तैयार है। राज्य में पलामू के साथ देवघर, रांची और जमशेदपुर क्षेत्र में भी टीमें लगाई गई हैं।

पलामू के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। गुरुवार दोपहर करीब एक बजे के बाद जिले के मौसम में बदलाव दर्ज किया गया और तेज हवा चलने लगी। जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने भी स्थिति को लेकर लोगों के लिए सावधानी संबंधी अपील जारी की है।

जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. असीम कुमार ने कहा कि आपदा से निपटने की तैयारी की गई है और लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। प्रशासन और एनडीआरएफ की व्यवस्था का जोर संभावित नुकसान की स्थिति में तेजी से राहत पहुंचाने तथा प्रभावित इलाकों में आवश्यक बचाव कार्य शुरू करने पर है।