चक्रवाती तूफान अर्नब से भारी बारिश और तेज हवा की आशंका को देखते हुए झारखंड में आपदा प्रबंधन की तैयारियां बढ़ा दी गई हैं। जमशेदपुर सहित कई जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की तैनाती की गई है। पूर्वी सिंहभूम के सरकारी अस्पतालों से लेकर सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।
आपदा प्रबंधन विभाग के मंगलवार को जारी आदेश के मुताबिक, राहत और बचाव कार्य के लिए राज्य को चार क्षेत्रों में बांटा गया है। एनडीआरएफ की टीमों को 28 से 30 अक्टूबर तक संबंधित क्षेत्रों में भेजने और मुख्यालय स्तर पर एक टीम सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है।
दक्षिणी क्षेत्र में पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां शामिल हैं। मध्य क्षेत्र में रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद रखे गए हैं। पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में हैं, जबकि संताल परगना के छह जिलों के साथ गिरिडीह को उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में रखा गया है।
पूर्वी सिंहभूम में एमजीएम और सदर अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों तथा पैरामेडिकल कर्मचारियों को अलर्ट किया गया है। इमरजेंसी वार्ड में अतिरिक्त चिकित्साकर्मियों की रोस्टर ड्यूटी तय की गई है। सर्जिकल, ऑर्थोपेडिक और मेडिसिन विभागों में अतिरिक्त बेड सुरक्षित रखने के साथ आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति में चिकित्सा सेवाएं जारी रखने के लिए अस्पतालों के जेनरेटर सेटों की जांच की गई है और डीजल का भंडारण किया गया है। इसका उद्देश्य आईसीयू, एनआईसीयू और ऑपरेशन थिएटर की सेवाओं को निर्बाध रखना है। ग्रामीण तथा निचले इलाकों के लिए 108 एंबुलेंस सेवा को सक्रिय रखा गया है।
जिला स्वास्थ्य प्रशासन ने कंट्रोल रूम को चौबीसों घंटे सक्रिय रखने और सूचना मिलने पर मेडिकल रेस्क्यू टीम भेजने का निर्देश दिया है। तैयारियों को प्राथमिकता देते हुए सिविल सर्जन कार्यालय की बैठकें स्थगित की गई हैं। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम में सुरक्षित स्थानों पर रहने, उफनते नदी-नालों से दूर रहने और विभागीय निर्देशों का पालन करने की अपील की है।