बंगाल की खाड़ी में आए चक्रवात मुरासु के कारण अलेप्पी-धनबाद एक्सप्रेस का परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ। दो नवंबर को रवाना हुई ट्रेन विजयवाड़ा रेल मंडल के कावली स्टेशन पर लगभग 14 घंटे तक रुकी रही। खराब मौसम, भारी बारिश और रेल पटरी पर जलजमाव को ट्रेन रोके जाने का कारण बताया गया है।
लंबे इंतजार के बाद बारिश का असर कम होने पर ट्रेन को मंगलवार दोपहर 3:15 बजे कावली से आगे के लिए रवाना किया गया। यह ट्रेन धनबाद में निर्धारित समय से काफी विलंब से पहुंचने की संभावना जताई गई। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, बुधवार को इसके तय समय सुबह 10:50 बजे के बजाय देर शाम या रात तक धनबाद पहुंचने का अनुमान था।
कावली स्टेशन पर लंबे समय तक ट्रेन खड़ी रहने से यात्रियों को भोजन और पानी की परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रेन में उपलब्ध पानी समाप्त हो गया था। पानी की कमी के चलते पैंट्री कार में यात्रियों के लिए खाना बनाना भी संभव नहीं हो पा रहा था।
यात्रियों की जरूरतों को देखते हुए विजयवाड़ा रेल मंडल के अधिकारियों ने स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं से संपर्क किया। इसके बाद संस्थाओं की ओर से ट्रेन में मौजूद यात्रियों को नाश्ता, दोपहर का भोजन और पीने का पानी उपलब्ध कराया गया। इससे लंबे ठहराव के दौरान यात्रियों को कुछ राहत मिली।
ट्रेन के विजयवाड़ा पहुंचने पर पैंट्री कार और सभी यात्री कोचों में दोबारा पानी भरा गया। इसके बाद ट्रेन ने धनबाद की ओर अपनी यात्रा जारी रखी। देरी के कारण रास्ते के स्टेशनों और धनबाद में ट्रेन की प्रतीक्षा कर रहे यात्रियों का कार्यक्रम भी प्रभावित होने की आशंका रही।
अलेप्पी-धनबाद एक्सप्रेस दक्षिण भारत को धनबाद से जोड़ती है। इस घटना में किसी यात्री के घायल होने या ट्रेन को अन्य मार्ग से चलाए जाने की सूचना उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है। परिचालन बाधित होने की जानकारी मुख्य रूप से मौसम, जलजमाव, लंबे ठहराव और यात्रियों के लिए की गई भोजन-पानी की व्यवस्था तक सीमित है।