पश्चिमी सिंहभूम जिले के पंचायत भवनों को ग्रामीणों के लिए अधिक उपयोगी सेवा केंद्र बनाने की दिशा में प्रशासन ने कई निर्देश दिए हैं। मंगलवार को जिला पंचायत राज पदाधिकारी की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई समीक्षा बैठक में पंचायतों में चल रही योजनाओं और उपलब्ध जनसुविधाओं की स्थिति पर चर्चा की गई।
बैठक में कहा गया कि पंचायत भवनों से जाति, आवासीय और आय प्रमाण-पत्र जारी करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही विवाह पंजीकरण तथा जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्रों के पंजीकरण और निर्गमन की सुविधा भी पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
प्रशासन ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में दिव्यांगजनों के लिए अलग पंजी तैयार करने और उनका अनिवार्य रूप से पंजीकरण करने को कहा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चिह्नित दिव्यांगजन सरकारी योजनाओं और उनके लिए उपलब्ध सुविधाओं से जुड़ सकें।
समीक्षा के दौरान पंचायत सहायकों की नियमित उपस्थिति पर भी जोर दिया गया। पंचायत सचिवों को उपस्थिति पंजी संधारित करने, सहायकों को निर्धारित जिम्मेदारियां सौंपने और उनसे नियमित काम लेने का निर्देश मिला। अगस्त से अक्टूबर 2026 तक की उपस्थिति का विवरण भी जिला कार्यालय को शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा गया है।
बैठक में चार नवंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूरी तरह तैयार पांच पंचायतों के उद्घाटन की तैयारियों की समीक्षा की गई। संबंधित पंचायत सचिवों और प्रखंड समन्वयकों को पंचायत भवनों की तस्वीरें और वीडियो तीन नवंबर की शाम चार बजे तक जिला कार्यालय में जमा करने का निर्देश दिया गया था।
सुदृढ़ीकरण योजना और ज्ञान केंद्र योजना सहित विभिन्न योजनाओं से संबंधित रोकड़बही को अद्यतन रखने तथा सभी जरूरी प्रविष्टियां पूरी करने को भी कहा गया। बैठक में जिले के मुखिया, पंचायत सचिव, पंचायती राज के प्रखंड समन्वयक और 15वें वित्त आयोग के कनीय अभियंता शामिल हुए।