चतरा के 39 सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास का कम इस्तेमाल, 130 कर्मियों से स्पष्टीकरण तलब

सितंबर की समीक्षा में 39 विद्यालयों की आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास संबंधी प्रविष्टियां तय मानकों से कम मिलीं। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने प्रधानाध्यापकों, प्रभारियों और इंस्ट्रक्टरों समेत 130 लोगों से तीन दिन में जवाब मांगा है।

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चतरा के सरकारी विद्यालयों में आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास के उपयोग की समीक्षा

चतरा जिले के 39 सरकारी विद्यालयों में आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास का अपेक्षित उपयोग नहीं होने पर शिक्षा विभाग ने जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू की है। संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, प्रभारी प्रधानाध्यापकों और आईसीटी इंस्ट्रक्टरों समेत कुल 130 लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

यह कार्रवाई सितंबर में डिजिटल कक्षाओं के उपयोग की समीक्षा के बाद की गई। विभाग ने जेएचपीएमएस पोर्टल पर विद्यालयों की ओर से दर्ज कक्षाओं का आकलन किया था। समीक्षा में इन 39 विद्यालयों की प्रविष्टियां विभाग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिलीं।

उपलब्ध विवरण के अनुसार, चिह्नित विद्यालयों ने सितंबर के दौरान आईसीटी लैब में 17 पीरियड से भी कम कक्षाएं पोर्टल पर दर्ज की थीं। विभाग ने इस स्थिति को गंभीर मानते हुए विद्यालय प्रबंधन और डिजिटल कक्षाओं से जुड़े कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं झारखंड शिक्षा परियोजना की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी कंचन कुमारी ने 10 अक्टूबर को इस संबंध में पत्र जारी किया। नोटिस पाने वाले सभी संबंधित लोगों को तीन दिनों के भीतर अपना जवाब देने का निर्देश दिया गया है।

विभागीय पत्र का जोर विद्यालयों में उपलब्ध डिजिटल संसाधनों के नियमित और तय मानकों के अनुसार इस्तेमाल पर है। आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास सरकारी विद्यालयों में तकनीक की मदद से पढ़ाई कराने के लिए स्थापित किए गए हैं। पोर्टल पर दर्ज कक्षाओं के आधार पर इनके उपयोग की निगरानी की जा रही है।

फिलहाल विभाग ने कम प्रविष्टियों पर स्पष्टीकरण तलब किया है। संबंधित प्रधानाध्यापकों, प्रभारियों और इंस्ट्रक्टरों के उत्तर मिलने के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। विद्यालयों को आईसीटी लैब तथा स्मार्ट क्लास का निर्धारित व्यवस्था के अनुसार उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया है।