आईआईआईटी रांची के छात्र की मौत के बाद कैंपस में धरना, आपात व्यवस्था पर उठे सवाल

प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार की मौत के बाद विद्यार्थियों ने खेलगांव स्थित हॉस्टल परिसर में धरना शुरू किया। परिजनों और छात्रों ने संस्थान की आपात व्यवस्था पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

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खेलगांव स्थित आईआईआईटी रांची परिसर में छात्र की मौत के बाद धरना देते विद्यार्थी

रांची के भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) के प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद खेलगांव स्थित हॉस्टल परिसर में तनाव बना हुआ है। घटना से नाराज छात्र-छात्राओं ने रविवार को अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया और देर रात तक परिसर में डटे रहे। उनकी प्रमुख मांगों में संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव कुमार श्रीवास्तव और एकेडमिक डीन का इस्तीफा शामिल है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घटना 10 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे हुई। भागलपुर निवासी आदित्य अपने कमरे में अकेले पढ़ाई कर रहा था। उसे गंभीर अवस्था में मिलने के बाद सहपाठी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है।

प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने हॉस्टल की आपात व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि लिफ्ट खराब होने के कारण आदित्य को सीढ़ियों से नीचे लाना पड़ा। छात्रों ने यह भी दावा किया कि उसे ले जाने वाली एंबुलेंस में ऑक्सीजन जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं थी। ये आरोप विद्यार्थियों की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं है।

विद्यार्थियों ने पहले सड़क पर धरना दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने उन्हें वहां से हटाकर हॉस्टल परिसर में भेज दिया, लेकिन इसके बाद भी उनका आंदोलन जारी रहा। प्रशासन की ओर से देर रात तक छात्रों को समझाने और धरना समाप्त कराने का प्रयास किया जाता रहा।

इस बीच संस्थान प्रबंधन ने निदेशक की ओर से इस्तीफे की पेशकश किए जाने की बात से इनकार किया है। प्रबंधन का कहना है कि संस्थान की गवर्निंग बॉडी मामले को देख रही है। उपलब्ध विवरण में गवर्निंग बॉडी की जांच या आगे की कार्रवाई को लेकर कोई समयसीमा नहीं बताई गई है।

आदित्य के पिता विष्णुदेव कुमार ने खेलगांव थाने में लिखित शिकायत दी है। शिकायत में उन्होंने संस्थान प्रबंधन पर लापरवाही और उदासीनता का आरोप लगाया है। फिलहाल ये शिकायत और छात्रों के आरोप जांच का विषय हैं; उपलब्ध जानकारी में किसी अधिकारी या संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई है।