सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड में विद्यालयों के मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर केंद्रित एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। बुनियादी विद्यालय परिसर स्थित संकुल संसाधन केंद्र में हुए इस कार्यक्रम में राजनगर संकुल के सभी 17 विद्यालयों की रसोईमाता सह सहायिकाओं ने भाग लिया।
प्रशिक्षण में भोजन बनाने की शुरुआत से लेकर उसे बच्चों को परोसने तक बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि विद्यालय की रसोई, खाना पकाने वाले बर्तन और भोजन परोसने की जगह को साफ रखना आवश्यक है।
संकुल साधनसेवी फाल्गुनी प्रधान ने रसोई सहायिकाओं को बच्चों के लिए खाना तैयार करते समय स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सब्जियों और भोजन में इस्तेमाल होने वाली दूसरी खाद्य सामग्री को पकाने से पहले अच्छी तरह साफ किया जाए।
प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को भोजन देने से पहले हाथों की सफाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। रसोई सहायिकाओं को भोजन तैयार करने और वितरण के प्रत्येक चरण में साफ-सफाई बनाए रखने के लिए कहा गया, ताकि विद्यालयों में निर्धारित व्यवस्था के अनुसार भोजन परोसा जा सके।
कार्यक्रम का मुख्य विषय मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता को बनाए रखते हुए स्वच्छ तरीके से खाना तैयार करना था। इसमें रोजमर्रा के रसोई कार्य से जुड़े व्यावहारिक बिंदुओं—खाद्य सामग्री की सफाई, बर्तनों की देखभाल, रसोईघर की स्वच्छता और परोसने के स्थान की सफाई—को एक साथ रखा गया।
राजनगर संकुल के 17 विद्यालयों से आई रसोईमाता सह सहायिकाओं की भागीदारी के कारण प्रशिक्षण में पूरे संकुल की मध्याह्न भोजन व्यवस्था को शामिल किया गया। कार्यक्रम में दिए गए निर्देशों का केंद्र बच्चों को साफ वातावरण में तैयार भोजन उपलब्ध कराना और भोजन परोसने से पहले आवश्यक स्वच्छता का पालन करना रहा।