चतरा से पत्थलगड़ा तक प्रस्तावित नई ब्रॉडगेज रेललाइन परियोजना की सर्वे प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। ईस्ट सेंट्रल रेलवे के निर्माण विभाग ने 25.234 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित रेलखंड की ड्रोन वीडियोग्राफी कराने की तैयारी की है। इसके लिए उपायुक्त से मांगी गई अनुमति को मंजूरी मिल गई है।
रेलवे के पत्र के अनुसार, प्रस्तावित रेलखंड चतरा में किलोमीटर 75.100 से शुरू होकर पत्थलगड़ा में किलोमीटर 100.334 तक जाएगा। सक्षम प्राधिकार ने इसे विशेष रेलवे परियोजना घोषित किया है। परियोजना का विस्तृत प्राक्कलन तैयार कर स्वीकृति के लिए रेलवे बोर्ड को पहले ही भेजा जा चुका है।
ड्रोन सर्वे के दौरान प्रस्तावित मार्ग और उससे जुड़े क्षेत्र के वीडियो तथा तस्वीरें जुटाई जाएंगी। रेलवे इनका उपयोग दस्तावेजीकरण, सर्वेक्षण और आगे की योजना तैयार करने में करेगा। हवाई रिकॉर्ड से रेललाइन के लिए चिह्नित क्षेत्र की स्थिति का विस्तृत विवरण तैयार किया जाएगा।
ईस्ट सेंट्रल रेलवे के निर्माण विभाग, गया के उप मुख्य अभियंता शशि कुमार ने उपायुक्त को भेजे पत्र में सर्वे की अनुमति मांगी थी। पत्र में बताया गया कि ड्रोन वीडियोग्राफी के समय निर्माण विभाग के अभियंता अधिकृत रूप से टीम के साथ मौजूद रहेंगे और पूरे सर्वे कार्य की निगरानी करेंगे।
उप मुख्य अभियंता के पत्र के आधार पर ड्रोन सर्वे के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सर्वे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक को भी पत्र भेजा गया है। उपलब्ध जानकारी में सर्वे शुरू होने या पूरा होने की निश्चित तारीख नहीं बताई गई है।
चतरा-पत्थलगड़ा रेल संपर्क से जुड़ी इस प्रस्तावित परियोजना में फिलहाल सर्वेक्षण और दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। ड्रोन वीडियोग्राफी पूरी होने के बाद उसके रिकॉर्ड से योजना संबंधी कार्यों को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी। परियोजना के विस्तृत प्राक्कलन पर अंतिम स्वीकृति रेलवे बोर्ड से मिलनी बाकी है।