चतरा की प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शंभु लाल की अदालत ने ब्राउन शुगर तस्करी के मामले में दोषी भेखलाल साव को 15 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर डेढ़ लाख रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। यह फैसला गुरुवार को सुनाया गया।
अदालत के आदेश के अनुसार, जुर्माने की रकम जमा नहीं करने पर दोषी को दो वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। मामले की सुनवाई के दौरान पेश गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए दंड निर्धारित किया।
मामला चार अप्रैल 2022 की रात हुई पुलिस कार्रवाई से जुड़ा है। उस समय राजपुर के तत्कालीन थाना प्रभारी विकास पासवान को केंदुआ-सहोर मार्ग से एक व्यक्ति के ब्राउन शुगर लेकर गुजरने की सूचना मिली थी। इसके बाद तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी अविनाश कुमार के नेतृत्व में छापेमारी दल गठित किया गया था।
पुलिस की कार्रवाई में भेखलाल साव को 370 ग्राम अवैध ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया गया था। वह पत्थलगड़ा थाना क्षेत्र के नावाडीह डमौल गांव का निवासी है। गिरफ्तारी के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर मामला न्यायालय के समक्ष विचारण के लिए प्रस्तुत किया गया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल नौ गवाहों की गवाही कराई। अभियोजन की ओर से अमित कुमार श्रीवास्तव ने पैरवी की, जबकि बचाव पक्ष का प्रतिनिधित्व अधिवक्ता रमेश जायसवाल ने किया। अदालत ने गवाहियों और प्रस्तुत प्रमाणों पर विचार करने के बाद सजा सुनाई।
फैसले के साथ वर्ष 2022 में दर्ज इस मादक पदार्थ तस्करी मामले की न्यायिक सुनवाई एक महत्वपूर्ण चरण पर पहुंच गई है। न्यायालय ने कारावास के साथ जुर्माना और उसका भुगतान नहीं होने की स्थिति में अतिरिक्त सजा का प्रावधान भी स्पष्ट किया है।