चतरा जिले में सोमवार रात से जारी बारिश ने जनजीवन और आवागमन को प्रभावित किया है। नदी-नालों में पानी का बहाव तेज होने के कारण कुंदा प्रखंड के एक दर्जन से अधिक गांव टापू जैसी स्थिति में पहुंच गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को घरों से निकलने और जरूरी काम के लिए आने-जाने में कठिनाई हो रही है।
बारिश के बीच कुछ स्थानों पर मिट्टी से बने मकान गिरने की भी सूचना है। इससे प्रभावित परिवारों के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में प्रभावित मकानों और परिवारों की निश्चित संख्या नहीं बताई गई है।
जिले की कई सड़कों पर पानी जमा है और ग्रामीण मार्गों पर कीचड़ फैल गया है। पत्थलगड्डा प्रखंड की नावाडीह पंचायत से जगन्नाथी जाने वाली सड़क की स्थिति विशेष रूप से खराब बताई गई है। इस रास्ते का उपयोग जगन्नाथी के साथ सयानी, गोपेरा और डमौल समेत कई गांवों के लोग करते हैं।
सिमरिया-चतरा मार्ग पर हीरो शोरूम से बस स्टैंड और नगवा बाइपास तक भी जगह-जगह जलजमाव हो गया है। इससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर दिन-रात हाइवा वाहनों की आवाजाही से सड़क की हालत और बिगड़ रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क पर कभी-कभी डस्ट डालकर मरम्मत की जाती है, लेकिन बारिश और यातायात के कारण यह उपाय अधिक समय तक प्रभावी नहीं रहता। उनका कहना है कि मरम्मत के लगभग एक दिन के भीतर रास्ता फिर खराब स्थिति में पहुंच जाता है।
स्थानीय लोगों ने सड़कों की स्थायी और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराने की मांग प्रशासन के सामने रखी है। फिलहाल लगातार बारिश, उफनते जलस्रोत और खराब रास्तों के कारण गांवों तक पहुंच चुनौती बनी हुई है। उपलब्ध जानकारी में प्रशासन की ओर से राहत, निरीक्षण या मरम्मत की किसी नई कार्रवाई का उल्लेख नहीं है।