चतरा व्यवहार न्यायालय के सभागार में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 13,733 मामलों का निष्पादन किया गया। अलग-अलग मामलों की सुनवाई और निपटारे के लिए सात बेंच गठित की गई थीं। आयोजन के दौरान 3 करोड़ 83 लाख 89 हजार 294 रुपये सरकारी राजस्व की वसूली भी दर्ज की गई।
राष्ट्रीय लोक अदालत की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष शंभु लाल साव ने की। गठित बेंचों में न्यायिक अधिकारियों के साथ अधिवक्ता और संबंधित सदस्य शामिल रहे।
पहली बेंच में पोक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश अमरेश कुमार के साथ सीताराम यादव और राजीव कुमार श्रीवास्तव शामिल थे। दूसरी बेंच की जिम्मेदारी जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सूरज प्रकाश ठाकुर तथा सदस्यों दिनेश कुमार सिन्हा और रामाशीष पाठक ने संभाली।
तीसरी बेंच में अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मनोज कुमार राम के साथ रूपेश कुमार सिन्हा और प्रवीण रंजन रहे। चौथी बेंच में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव तारकेश्वर दास तथा सदस्य विपिन कुमार और कुमार रंजन शामिल किए गए।
पांचवीं बेंच में न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी एडिथ होरो के साथ दिलीप कुमार सिन्हा और सुजीत कुमार घोष ने मामलों की प्रक्रिया में भाग लिया। छठी बेंच में कार्यपालक दंडाधिकारी विनय कुमार तथा सदस्य अशोक साहू और सूरज अग्रवाल रहे।
सातवीं बेंच में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष अजीत कुमार के साथ प्रेम कुमार और मारुति जायसवाल शामिल थे। सातों बेंचों के संयुक्त काम से एक ही दिन में बड़ी संख्या में मामलों का निष्पादन और सरकारी राजस्व की वसूली की गई।