धनबाद के 304 झारखंड आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को प्रशस्ति पत्र देने की लंबित प्रक्रिया पर मुख्यमंत्री सचिवालय ने संज्ञान लिया है। सचिवालय ने जिले के उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। संबंधित लोग 38वीं संपुष्टि सूची में शामिल हैं, लेकिन उन्हें अब तक प्रशस्ति पत्र नहीं मिल सका है।
यह मामला आश्रित संजय कुमार की शिकायत के बाद सचिवालय तक पहुंचा। उप सचिव घनश्याम प्रसाद सिंह ने शिकायत के आधार पर एसएसपी को प्रकरण की जांच कराने और जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। निर्देश के बाद अब जिला स्तर पर लंबित वितरण की स्थिति और देरी के कारणों की पड़ताल होने की उम्मीद है।
गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 38वीं संपुष्टि सूची दो दिसंबर 2025 को सभी जिलों को भेजी थी। इस सूची के तहत धनबाद जिले के कुल 304 आंदोलनकारियों को प्रशस्ति पत्र दिया जाना है। सूची भेजे जाने के करीब दस महीने बाद भी जिले में वितरण पूरा नहीं होने की बात सामने आई है।
दूसरे कई जिलों में शिविर और कार्यक्रम आयोजित कर सूची में शामिल आंदोलनकारियों तथा उनके आश्रितों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा चुका है। इसके विपरीत धनबाद में प्रक्रिया लंबित रहने से संबंधित आंदोलनकारियों और उनके परिवारों में नाराजगी बताई गई है। वे लंबे समय से वितरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा भी इस विषय को पहले जिला प्रशासन के सामने उठा चुका है। मोर्चा की ओर से उपायुक्त कार्यालय में आवेदन और संबंधित तथ्य सौंपे गए थे। इसके बावजूद प्रशस्ति पत्र का वितरण नहीं हो पाया, जिसके बाद शिकायत मुख्यमंत्री सचिवालय तक पहुंची।
सचिवालय के ताजा निर्देश से अब प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर रहेगी। जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि धनबाद में प्रशस्ति पत्र कब और किस व्यवस्था के तहत वितरित किए जाएंगे। फिलहाल निर्देश का केंद्र शिकायत की जांच और लंबित मामले में जरूरी कदम सुनिश्चित करना है।