चांडिल के ननिहाल पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, परिवार संग निभाई पारंपरिक रस्म

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पत्नी कल्पना सोरेन और परिवार के सदस्यों के साथ सरायकेला-खरसावां के चांडिल स्थित ननिहाल पहुंचे और मातृ शोक के बाद की पारंपरिक रस्म पूरी की।

2 मिनट पढ़ें 8 बार पढ़ी गई
चांडिल स्थित ननिहाल में पारंपरिक कार्यक्रम में शामिल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनका परिवार

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मंगलवार को पत्नी एवं गांडेय विधायक कल्पना सोरेन और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड स्थित अपने ननिहाल पहुंचे। धातकीडीह में ननिहाल पक्ष ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार उनका स्वागत किया। क्षेत्र में पहुंचने पर जिला प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।

यह पारिवारिक कार्यक्रम मुख्यमंत्री की मां रूपी सोरेन के निधन के बाद संपन्न हुए अंतिम संस्कार और श्राद्ध संबंधी कर्मों से जुड़ा था। निर्धारित परंपरा के अनुसार इन क्रियाओं के पूरा होने के बाद मुख्यमंत्री ने ननिहाल जाकर सामाजिक रस्म निभाई। उनके साथ पहुंचे परिवार के सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

संथाल समाज की इस परंपरा में मां के निधन के बाद बेटे के ननिहाल से संबंध और जुड़ाव को बनाए रखने का भाव निहित माना जाता है। रस्म के दौरान ननिहाल पक्ष ने मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी के पैर धोकर उनका गृह प्रवेश कराया। इसके बाद परिवार के लिए पारंपरिक आतिथ्य और विशेष भोजन की व्यवस्था की गई।

मुख्यमंत्री के ननिहाल पक्ष के सदस्यों ने पूरे सम्मान के साथ परिवार का स्वागत किया और निर्धारित अनुष्ठानों को पूरा कराया। कार्यक्रम में पारिवारिक सदस्यों के अलावा क्षेत्र के कुछ गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। पूरा आयोजन मातृ शोक के बाद निभाए जाने वाले सामाजिक और पारिवारिक दायित्वों पर केंद्रित रहा।

चांडिल पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और पार्टी से जुड़े लोगों से औपचारिक मुलाकात भी की। उनके आगमन को देखते हुए क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पारिवारिक कार्यक्रम पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने ननिहाल से जुड़ी उस परंपरा का निर्वहन किया, जिसे शोक संबंधी संस्कारों की समाप्ति के बाद निभाया जाता है।