जमशेदपुर और आसपास के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश के बाद चांडिल डैम से पानी की निकासी बढ़ा दी गई है। सोमवार सुबह आठ बजे तक डैम के कुल 17 फाटक खुले थे। इससे नदी और नहर में 744.57 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा था। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है।
आदित्यपुर पुल के पास खरकई नदी का जलस्तर 129.03 मीटर दर्ज किया गया, जो 129 मीटर के खतरे के निशान से 0.03 मीटर अधिक है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार खरकई और स्वर्णरेखा, दोनों नदियों के जलस्तर में फिलहाल गिरावट का रुझान है, लेकिन बारिश और ऊपरी बांधों से पानी आने के कारण स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।
चांडिल डैम का जलस्तर 179.19 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि इसका अधिकतम स्तर 192 मीटर बताया गया है। डैम से मुख्य स्वर्णरेखा नदी में 729.66 क्यूमेक्स और नहर में 14.91 क्यूमेक्स पानी निकाला जा रहा है। गालूडीह बैराज के छह स्पिलवे गेट से भी 1,633.36 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है।
ओडिशा स्थित बांकाबल और खरकई बांधों से भी पानी की निकासी जारी है। दोनों बांधों से क्रमशः 84.72 और 55.18 क्यूमेक्स पानी छोड़े जाने की सूचना है। गंजिया बैराज के सभी आठ फाटक खोलकर 1,186.54 क्यूमेक्स पानी निकाला जा रहा है।
मानगो पुल के पास स्वर्णरेखा का जलस्तर 119.70 मीटर दर्ज हुआ। यह वहां निर्धारित 121.50 मीटर के खतरे के निशान से 1.80 मीटर नीचे है। इसके बावजूद नदियों से जुड़े अलग-अलग स्थानों पर पानी की आवक और निकासी के आंकड़ों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मौसम संबंधी चेतावनी के अनुसार 31 अगस्त से दो सितंबर तक कोल्हान में रुक-रुक कर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा, गरज और वज्रपात की आशंका भी है। मानगो, बागबेड़ा, शास्त्रीनगर, जुगसलाई और आदित्यपुर के निचले इलाकों में राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखा गया है। लोगों से नदियों और बैराजों के पास नहीं जाने की अपील की गई है।