रांची नगर निगम में राजस्व संग्रहण से जुड़ी एजेंसी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद अब निगम स्वयं कर और अन्य बकाया राशि की वसूली करेगा। शुक्रवार को नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में हुई राजस्व शाखा की समीक्षा बैठक में नई व्यवस्था की तैयारियों, वार्डवार लक्ष्यों और आंतरिक आय बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की गई।
बैठक में कर संग्रहकर्ताओं, राजस्व निरीक्षकों और नगर प्रबंधकों को अपने क्षेत्रों के लिए स्पष्ट तथा लक्ष्य आधारित कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया गया। बकाया होल्डिंग टैक्स की वसूली के साथ नए भवनों और दूसरी संरचनाओं का असेसमेंट व री-असेसमेंट प्राथमिकता में रखा गया है। ट्रेड लाइसेंस से संबंधित काम को भी तेज करने को कहा गया।
नगर निगम हर महीने प्रत्येक वार्ड के शीर्ष 500 बकायेदारों की पहचान करेगा। अधिकारियों और कर्मचारियों को इनसे बकाया कर वसूलने के लिए क्षेत्रवार कार्रवाई करने का निर्देश मिला है। निगम की दुकानों का लंबित किराया वसूलने के लिए भी अलग कार्ययोजना तैयार की जाएगी और प्रगति की नियमित समीक्षा होगी।
नागरिकों को स्थानीय स्तर पर भुगतान की सुविधा देने के लिए अक्टूबर से प्रत्येक वार्ड में राजस्व संग्रहण शिविर लगाने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही करदाताओं को डिजिटल माध्यम से भुगतान के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। निगम ने डिजिटल भुगतान का अनुपात बढ़ाने पर भी जोर दिया है।
सरकारी जमीन पर चल रही व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े ट्रेड लाइसेंस की समीक्षा भी प्रस्तावित है। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर ट्रेड लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया अपनाने का निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिया गया है।
नगर आयुक्त ने कहा कि एजेंसी का कार्यकाल पूरा होने के बाद राजस्व संग्रहण को निगम स्तर पर प्रभावी ढंग से संचालित किया जाएगा। उनके अनुसार निगम को वित्तीय रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए आंतरिक राजस्व बढ़ाना आवश्यक है। अधिकारियों और कर्मचारियों को अधिक जवाबदेही के साथ काम करने तथा क्षेत्रवार उपलब्धियों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।