चाईबासा में आगामी छठ पर्व को सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियों की समीक्षा की। पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय में उपायुक्त मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेणु की संयुक्त अध्यक्षता में हुई बैठक में घाटों पर उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं तथा सुरक्षा प्रबंधों पर चर्चा की गई।
बैठक में अधिकारियों को छठ घाटों की साफ-सफाई कराने और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को भी तैयारियों का प्रमुख हिस्सा बताया। इसके साथ ही किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक व्यवस्था रखने को कहा गया।
चाईबासा नगर क्षेत्र के चार प्रमुख घाटों—करणी मंदिर घाट, कुम्हार टोली घाट, तेलगाकुड़ी घाट और पुलहातु घाट—पर किए जाने वाले इंतजामों की बैठक में समीक्षा हुई। अधिकारियों ने इन स्थानों पर छठ व्रतियों और अन्य श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुरूप आवश्यक प्रबंध समय पर पूरा करने पर जोर दिया।
नगर परिषद क्षेत्र से बाहर स्थित कुज्जु नदी घाट को भी प्रशासन की तैयारियों में शामिल किया गया है। वहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए समुचित इंतजाम करने के निर्देश दिए गए। इस तरह समीक्षा के दायरे में चाईबासा के चार शहरी घाटों के साथ कुज्जु नदी घाट भी रहा।
बैठक में सदर चाईबासा के अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार, सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी उपेंद्र कुमार, चाईबासा नगर परिषद के अध्यक्ष नितिन प्रकाश, उपाध्यक्ष विकास शर्मा और नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी संतोषणी मुर्मू सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। विभिन्न विभागों को आपसी समन्वय के साथ तैयारियां पूरी करने की जिम्मेदारी दी गई।
प्रशासन का ध्यान घाटों की बुनियादी व्यवस्था के साथ पर्व के दौरान सुचारु आवागमन और आकस्मिक परिस्थितियों की तैयारी पर भी है। समीक्षा में दिए गए निर्देशों के अनुसार संबंधित अधिकारियों को सफाई, प्रकाश, सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करनी है, ताकि व्रतियों और श्रद्धालुओं को घाटों पर आवश्यक सहूलियत मिल सके।