छठ पूजा से पहले पाकुड़ के घाटों का निरीक्षण, सफाई और रोशनी सुधारने की तैयारी

पाकुड़ नगर परिषद ने टीनबांग्ला, बाग्तिपाड़ा, तांतीपाड़ा और साधु पोखर सहित विभिन्न छठ घाटों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सामने आई समस्याओं को पूजा से पहले दूर करने की बात कही गई है।

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पाकुड़ में छठ पूजा से पहले घाटों की व्यवस्था का निरीक्षण करते अधिकारी और अन्य लोग

पाकुड़ में छठ पूजा की तैयारियों के तहत नगर परिषद ने शहर के विभिन्न घाटों का निरीक्षण शुरू कर दिया है। मंगलवार को नगर परिषद के पदाधिकारी अमरेंद्र चौधरी ने घाटों पर साफ-सफाई, रोशनी और श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक दूसरी सुविधाओं की स्थिति देखी। परिषद का कहना है कि पूजा से पहले जरूरी व्यवस्थाओं को बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा।

निरीक्षण के दायरे में बागानपाड़ा स्थित टीनबांग्ला छठ घाट के साथ बाग्तिपाड़ा, तांतीपाड़ा और साधु पोखर समेत कई स्थान शामिल रहे। इन घाटों पर व्रतियों और श्रद्धालुओं की सुविधा से संबंधित मौजूदा इंतजाम का जायजा लिया गया। इस दौरान जिन स्थानों पर कमियां सामने आई हैं, वहां सुधार की पहल करने की बात कही गई।

अमरेंद्र चौधरी के अनुसार, छठ पूजा को ध्यान में रखते हुए घाटों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई है। निरीक्षण का उद्देश्य समय रहते समस्याओं की पहचान करना है, ताकि पूजा के दौरान लोगों को असुविधा न हो। नगर परिषद ने विशेष रूप से सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने पर जोर दिया है।

टीनबांग्ला घाट के निरीक्षण के समय जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। मौके पर घाट की सफाई, विद्युत व्यवस्था और श्रद्धालुओं की जरूरत से जुड़ी अन्य सुविधाओं को लेकर चर्चा की गई। हालांकि, अलग-अलग घाटों पर कराए जाने वाले कार्यों की विस्तृत सूची या उन्हें पूरा करने की समय-सीमा उपलब्ध विवरण में नहीं बताई गई है।

जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ पदाधिकारी उदय लखमानी ने कहा कि जिले के छठ घाटों पर सफाई, रोशनी और दूसरी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की विधायक निशात आलम ने भी पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को असुविधा न होने देने का निर्देश दिया है।

नगर परिषद के इस निरीक्षण के बाद अब चिन्हित समस्याओं को पूजा से पहले दूर करने पर ध्यान रहेगा। घाटों पर सफाई और प्रकाश व्यवस्था बेहतर होने से शाम और सुबह के अर्घ्य के लिए पहुंचने वाले व्रतियों तथा श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सकेगी। फिलहाल परिषद ने व्यवस्थाओं की समीक्षा और आवश्यक सुधार की तैयारी की जानकारी दी है।