चाईबासा के मांगीलाल रूंगटा 10+2 विद्यालय में साइबर अपराध से बचाव और सुरक्षित बचपन विषय पर जागरूकता अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के साथ विद्यालय के शिक्षक और शिक्षिकाएं शामिल हुए। इसका उद्देश्य बच्चों को ऑनलाइन जोखिमों तथा उनकी सुरक्षा से जुड़े कानूनी और व्यावहारिक उपायों की जानकारी देना था।
अभियान के दौरान विद्यार्थियों को अनजान या संदिग्ध इंटरनेट लिंक पर क्लिक नहीं करने की सलाह दी गई। उन्हें बताया गया कि पासवर्ड और वन टाइम पासवर्ड यानी ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। ये सावधानियां ऑनलाइन धोखाधड़ी और अन्य साइबर अपराधों से बचने में उपयोगी हैं।
छात्रों को यह भी बताया गया कि साइबर अपराध का सामना होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की जा सकती है। कार्यक्रम में उपलब्ध कराई गई यह जानकारी बच्चों को किसी ऑनलाइन घटना के बाद सहायता लेने की प्रक्रिया समझाने पर केंद्रित रही।
सुरक्षित बचपन जागरूकता अभियान के तहत एलएडीसी सुरेंद्र प्रसाद ने पॉक्सो अधिनियम, 2012 की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को अच्छे और बुरे स्पर्श के अंतर के बारे में समझाया। कानूनी सहायता के लिए नालसा के टोल-फ्री नंबर 15100 और बच्चों से संबंधित सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी भी साझा की गई।
यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक कार्यालय के आदेश तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली के निर्देश के तहत आयोजित हुआ। इसमें झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, चाईबासा की भागीदारी रही। मौके पर पीएलवी जानकी जारिका, एजाज हुसैन, प्रमिला टूटी, द्रौपदी देवगम, अनंजय प्रसाद, प्रियंका मलिक, सिद्धि कुमारी और पूर्णिमा मुर्मू उपस्थित रहे।