चाईबासा के मारवाड़ी हिंदी मध्य विद्यालय में विद्यार्थियों को कानून और सुरक्षा की जानकारी

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के जागरूकता शिविर में विद्यार्थियों को बाल विवाह निषेध, सड़क सुरक्षा, पोक्सो कानून, मौलिक अधिकार और निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में बताया गया।

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चाईबासा के मारवाड़ी हिंदी मध्य विद्यालय, जिसे रुंगटा स्कूल के नाम से भी जाना जाता है, में विद्यार्थियों के लिए विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में बच्चों को उनके अधिकारों से परिचित कराने के साथ रोजमर्रा के जीवन में सुरक्षा और कानून से जुड़े विषयों की जानकारी दी गई।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव रवि चौधरी ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों पर विद्यार्थियों को जागरूक किया। उन्होंने शिक्षा की उपयोगिता पर भी चर्चा की और बताया कि कानूनी विषयों की बुनियादी समझ बच्चों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम में मोटर यान अधिनियम और सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों की जानकारी भी दी गई। विद्यार्थियों को सड़क पर सुरक्षित व्यवहार से जुड़े बिंदुओं से अवगत कराया गया, ताकि वे यातायात नियमों और सावधानियों को समझ सकें।

पोक्सो कानून के संदर्भ में बच्चों को गुड टच और बैड टच जैसे संवेदनशील विषय समझाए गए। शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों को बाल संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी देना और किसी असहज परिस्थिति को पहचानने के प्रति सजग बनाना था।

पैनल अधिवक्ता अजीत विश्वकर्मा ने मौलिक अधिकारों, बाल संरक्षण कानूनों और निःशुल्क विधिक सहायता की व्यवस्था के बारे में बताया। उन्होंने कानूनी रूप से जागरूक रहने के उपायों पर भी विद्यार्थियों के साथ जानकारी साझा की।

शिविर में अधिकार मित्र रत्ना चक्रवर्ती, नीतू सार, स्वाति मुखर्जी और संगीता देवी के साथ विद्यालय के प्रधानाचार्य निर्मल त्रिपाठी उपस्थित रहे। विद्यालय परिसर में हुए इस कार्यक्रम में कानून, शिक्षा और व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़े विषयों को एक साथ रखकर विद्यार्थियों को जागरूक किया गया।