चाईबासा में नियुक्ति परीक्षाओं को लेकर भाजपा का प्रदर्शन, तीन सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा

भाजपा कार्यकर्ताओं ने जेपीएससी-जेएसएससी समेत नियुक्ति प्रक्रियाओं पर सवाल उठाते हुए चाईबासा में प्रदर्शन किया और उपायुक्त को तीन सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा।

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चाईबासा में शनिवार को भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जेपीएससी-जेएसएससी और सरकारी नियुक्ति प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। सर्किट हाउस से निकला जुलूस उपायुक्त कार्यालय पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने धरना और सभा की। पार्टी की ओर से तीन सूत्री मांगों का ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा गया।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने छात्रों पर दर्ज प्राथमिकी वापस लेने, नियुक्ति परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार रोकने और अभ्यर्थियों की मांगों पर निर्णय लेने की मांग उठाई। जुलूस में शामिल लोग तख्तियां लेकर चल रहे थे। पार्टी ने परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की।

जिला प्रभारी विनय जायसवाल ने राज्य सरकार पर युवाओं को रोजगार देने का वादा पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि नियुक्ति परीक्षाओं की विश्वसनीयता को लेकर उठ रहे सवालों का उत्तर पारदर्शी परीक्षा और निष्पक्ष नियुक्ति प्रक्रिया से दिया जाना चाहिए। ये आरोप भाजपा नेताओं के हैं और प्रस्तुत विवरण में सरकार की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।

पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अभ्यर्थियों और उनके परिवारों की लंबी मेहनत जुड़ी होती है। उन्होंने नियुक्ति प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी का असर पूरे परिवार पर पड़ने की बात कही तथा जांच में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।

जिला अध्यक्ष गीता बालमुचू ने छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और जेपीएससी-जेएसएससी सहित नियुक्ति परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई। पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य जेबी तुबिद और पूर्व विधायक गुरुचरण नायक ने भी सभा को संबोधित करते हुए अभ्यर्थियों के मुद्दों पर सरकार से निर्णय लेने को कहा।

प्रदर्शन और सभा में मालती गिलुवा, विजय गागराई तथा अन्य पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य केंद्र नियुक्ति परीक्षाओं की पारदर्शिता, अभ्यर्थियों से जुड़े मुकदमों की वापसी और उनकी मांगों पर कार्रवाई रहा। उपलब्ध जानकारी में ज्ञापन पर जिला प्रशासन की ओर से किसी निर्णय या जवाब का उल्लेख नहीं है।