रांची में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की अवधि एक माह बढ़ाने की मांग की है। पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की अनुपस्थिति में राज्य के एडिशनल चुनाव अधिकारी सुबोध कुमार को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश सहित पार्टी के कई पदाधिकारी शामिल थे।
कांग्रेस ने अपने पत्र में कहा कि प्रारूप मतदाता सूची जारी होने के बाद भेजे जाने वाले नोटिसों की तुलना में सुनवाई की रफ्तार कम है। पार्टी ने धनबाद का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां 4,45,901 नोटिस जारी किए जाने थे, जबकि उपलब्ध ताजा आंकड़ों के अनुसार 36,381 मामलों की सुनवाई पूरी हुई है। इसी आधार पर दावा-आपत्ति और सुनवाई की अवधि कम से कम एक महीने बढ़ाने का अनुरोध किया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने ग्राम सभाओं में प्रारूप मतदाता सूची दोबारा पढ़कर सुनाने की मांग भी रखी। कांग्रेस नेताओं के अनुसार इससे एएसडीडीओ सूची में संभावित कमी या त्रुटि होने पर नागरिकों को समय रहते आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिल सकेगा। पार्टी ने नोटिस पाने वाले मतदाताओं की सुनवाई व्यवस्था को भी अधिक व्यवस्थित बनाने की आवश्यकता बताई।
ज्ञापन में कहा गया कि कुछ मतदाताओं को दिनभर कतार में रहने के बाद भी सुनवाई के लिए अगले दिन बुलाया जा रहा है। कांग्रेस ने निर्वाचन अधिकारियों से आग्रह किया कि प्रतिदिन उतने ही लोगों को बुलाया जाए, जिनकी सुनवाई उसी दिन संभव हो। पार्टी ने फॉर्म-7 से जुड़ी आपत्तियों का राजनीतिक दलवार विवरण सार्वजनिक करने की मांग भी की।
पार्टी ने 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके या एक अक्टूबर 2026 तक यह आयु पूरी करने वाले युवाओं के नाम जोड़ने का मुद्दा भी उठाया। कांग्रेस के मुताबिक अब तक लगभग 4.39 लाख आवेदन मिले हैं। उसने दावा किया कि पात्र युवाओं की संभावित संख्या इससे काफी अधिक हो सकती है, इसलिए फॉर्म-6 जमा करने की अंतिम तारीख बढ़ाई जानी चाहिए।
फॉर्म-7 के मामलों में कांग्रेस ने निर्णय से पहले दोनों संबंधित पक्षों को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर देने का आग्रह किया है। पार्टी की मांग है कि आवेदन देने वाले व्यक्ति और मतदाता सूची से जिसका नाम हटाने का प्रस्ताव है, दोनों का पक्ष सुना जाए। ज्ञापन में रखे गए आंकड़े और आकलन कांग्रेस के दावे हैं; निर्वाचन अधिकारियों की ओर से इन मांगों पर किसी निर्णय की जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।