चाईबासा में विश्व दृष्टि दिवस पर प्रतियोगिता, 71 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

जिला स्वास्थ्य समिति के अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिला स्कूल चाईबासा में चित्रांकन और निबंध प्रतियोगिता हुई। इसमें कक्षा छह से बारहवीं तक के 71 विद्यार्थी शामिल हुए।

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चाईबासा के जिला स्कूल में 27वें विश्व दृष्टि दिवस माह के अवसर पर चित्रांकन सह निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। पश्चिमी सिंहभूम जिला स्वास्थ्य समिति के अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम के तहत हुए इस आयोजन में कक्षा छह से बारहवीं तक के कुल 71 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के साथ विद्यार्थियों को आंखों की देखभाल के महत्व की जानकारी भी दी गई।

प्रतियोगिता में कक्षा 11वीं-ए की सुचित्रा पैरा ने पहला स्थान हासिल किया। कक्षा सातवीं-ए के परजीत कुमार गोप दूसरे और कक्षा नौवीं-ए की नेहा हेस्सा तीसरे स्थान पर रहीं। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा को ग्लोब, दूसरे स्थान के प्रतिभागी को स्कूल बैग और तीसरे स्थान की प्रतिभागी को डायरी पुरस्कार के रूप में दी गई।

तीनों विजेताओं को सदर अस्पताल चाईबासा के नेत्र पदाधिकारी डॉ. मनोज सिंह मुंडा, विद्यालय की प्राचार्य रश्मि अल्डा और प्रखंड संसाधन केंद्र चाईबासा की प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी शकुंतला बानरा ने संयुक्त रूप से पुरस्कृत किया। इसके अतिरिक्त चयनित दस प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार के रूप में कलम दी गई।

कार्यक्रम में नेत्र पदाधिकारी डॉ. मनोज सिंह मुंडा ने आंखों की नियमित देखभाल की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि ज्ञानेंद्रियों में आंखों का विशेष महत्व है और दृष्टि को सुरक्षित रखने के लिए उसके स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना जरूरी है। आयोजन के दौरान विटामिन-ए युक्त भोजन के महत्व पर भी चर्चा हुई।

विद्यालय की प्राचार्य रश्मि अल्डा ने कहा कि दृष्टि में कमी या आंखों से जुड़ी किसी अन्य परेशानी की स्थिति में उपचार के लिए सदर अस्पताल चाईबासा जाना चाहिए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को आंखों से संबंधित समस्या की अनदेखी नहीं करने और समय पर चिकित्सकीय सहायता लेने का संदेश दिया गया।

चित्रांकन और निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा गया। अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों की भागीदारी ने आयोजन को व्यापक बनाया, जबकि पुरस्कार और सांत्वना सम्मान के जरिए चयनित प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया गया।