चाकुलिया क्षेत्र में मानव-हाथी संघर्ष का मुद्दा संसद में उठा, स्थायी कॉरिडोर की मांग

सांसद विद्युत वरण महतो ने पूर्वी सिंहभूम के प्रभावित क्षेत्रों का केंद्रीय विशेषज्ञों से सर्वेक्षण कराने, चेतावनी प्रणाली विकसित करने और त्वरित मुआवजे की मांग रखी।

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पूर्वी सिंहभूम में मानव-हाथी संघर्ष के समाधान और स्थायी कॉरिडोर की मांग

पूर्वी सिंहभूम के चाकुलिया, बहरागोड़ा, गुड़ाबांदा और धालभूमगढ़ में मानव-हाथी संघर्ष से हो रहे जान-माल के नुकसान का मुद्दा संसद में उठाया गया। सांसद विद्युत वरण महतो ने केंद्र सरकार का ध्यान प्रभावित इलाकों की स्थिति की ओर दिलाते हुए इसके स्थायी समाधान के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने की मांग की।

सांसद ने संसद में बताया कि पिछले दस वर्षों के दौरान जंगली हाथियों के हमलों में 47 लोगों की मौत हुई है और कई ग्रामीण घायल हुए हैं। उनके अनुसार, वर्ष 2026 में भी हाथियों के हमलों में कई लोगों की जान गई है। उन्होंने लगातार हो रही घटनाओं के कारण ग्रामीणों में भय और असुरक्षा का माहौल होने की बात कही।

महतो ने कहा कि हाथियों के व्यवहार में बदलाव दिखाई दे रहा है और वे अब दिन के समय भी गांवों में प्रवेश कर रहे हैं। इससे ग्रामीणों की सुरक्षा के साथ किसानों की फसल, मकान और अन्य संपत्ति पर भी खतरा बढ़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि हाथियों को आबादी से दूर रखने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे पारंपरिक उपाय पर्याप्त प्रभावी साबित नहीं हो रहे हैं।

सांसद ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से प्रभावित क्षेत्रों में विशेषज्ञों की केंद्रीय टीम भेजकर सर्वेक्षण कराने का आग्रह किया। उनकी मांग है कि हाथियों की आवाजाही का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाए और उसके आधार पर स्थायी हाथी गलियारों का निर्माण हो।

इसके साथ ही आबादी वाले क्षेत्रों में हाथियों का प्रवेश रोकने के लिए प्रभावी अवरोध तैयार करने और आधुनिक तकनीक पर आधारित पूर्व चेतावनी प्रणाली विकसित करने की मांग रखी गई। ऐसी व्यवस्था का उद्देश्य हाथियों की गतिविधि की समय रहते जानकारी देकर ग्रामीणों को सतर्क करना है।

महतो ने हमलों से प्रभावित परिवारों को त्वरित और पर्याप्त मुआवजा उपलब्ध कराने का आग्रह भी किया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय, मानव-हाथी संघर्ष के लिए विशेष कार्ययोजना तथा आवश्यक केंद्रीय सहायता की मांग रखते हुए प्रभावित इलाकों के लिए दीर्घकालिक समाधान पर जोर दिया।