चारा घोटाला: जब्त 1.33 करोड़ रुपये झारखंड सरकार को देने का आदेश

रांची की सीबीआई अदालत ने सरकारी गवाह दीपेश चांडक से 1997 में जब्त 1.33 करोड़ रुपये झारखंड सरकार को देने का आदेश दिया है। एक अन्य मामले में 9.64 लाख रुपये शर्तों के साथ लौटाए जाएंगे।

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रांची में चारा घोटाले की जब्त राशि पर सीबीआई अदालत का आदेश

रांची में सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले की जांच के दौरान सरकारी गवाह दीपेश चांडक से जब्त 1.33 करोड़ रुपये झारखंड सरकार को देने का आदेश दिया है। यह रकम करीब 29 वर्षों से जब्ती और कानूनी प्रक्रिया के दायरे में थी। अदालत ने संबंधित पक्ष को सुनने के बाद राशि राज्य सरकार के पक्ष में जारी करने का निर्देश दिया।

मामले के विवरण के अनुसार, यह रकम सात और 10 जनवरी 1997 को चांडक के आवास से बरामद हुई थी। जांच एजेंसी ने चारा घोटाले के कांड संख्या आरसी 52ए/96 की पड़ताल के दौरान इसे जब्त किया था। अदालत के पूर्व आदेश के आधार पर चार जनवरी 2022 को रकम एक सरकारी बैंक खाते में जमा कराई गई थी।

सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट, 1944 की धाराओं का उल्लेख करते हुए रकम झारखंड सरकार को सौंपने का आग्रह किया गया। वर्ष 2013 के एक फैसले का भी हवाला दिया गया, जिसमें बिना दावे वाली जब्त संपत्ति संबंधित राज्य सरकार को देने का निर्देश था।

अदालत ने दीपेश चांडक का पक्ष भी सुना। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, उन्होंने जब्त रकम पर कोई दावा नहीं किया। इसके बाद विशेष न्यायाधीश अखिलेश कुमार तिवारी की अदालत ने पूरी राशि झारखंड सरकार को भुगतान करने का आदेश पारित किया।

एक अलग मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने छापेमारी के दौरान प्रमोद कुमार धानुका के परिसर से जब्त 9,64,410 रुपये लौटाने का आदेश दिया। उनकी याचिका में कहा गया था कि वह संबंधित मामले में आरोपित नहीं हैं और जुलाई 2017 में जब्त रकम वैध स्रोत से अर्जित की गई थी। सीबीआई ने इस दावे का विरोध किया था।

विशेष न्यायाधीश देबाशीष महापात्रा की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद रकम जारी करने का निर्देश दिया। इसके लिए प्रमोद कुमार धानुका को समान राशि का क्षतिपूर्ति बांड और दो जमानतदार देने होंगे। यह रकम जुलाई 2017 से बैंक खाते में जमा थी।