रांची से जुड़े चारा घोटाला मामले में लंबे समय से फरार बताए जा रहे आरोपी सत्येंद्र कुमार को केंद्रीय जांच ब्यूरो ने गिरफ्तार किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सीबीआई की टीम ने गुरुवार देर रात उत्तर प्रदेश के लखनऊ रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उसकी गिरफ्तारी की। आरोपी के विरुद्ध अदालत से स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी था।
जांच एजेंसी को सूचना मिली थी कि सत्येंद्र मध्य प्रदेश के गुना से ट्रेन में सवार होकर लखनऊ जा रहा है। इसके बाद सीबीआई की टीम स्टेशन पर तैनात की गई। ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचने पर अधिकारियों ने संबंधित बोगी में उसकी पहचान की और हिरासत में ले लिया। जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया।
सीबीआई अब आरोपी को रांची लाने की तैयारी कर रही है। यहां उसे चारा घोटाले से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। सत्येंद्र पर पशुपालन विभाग को दवाओं की आपूर्ति के नाम पर सरकारी राशि की कथित अवैध निकासी में शामिल होने का आरोप है। इन आरोपों पर अदालत में आगे की प्रक्रिया होनी है।
जांच से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, सत्येंद्र ने अपने सहयोगी दिनेश राय के साथ दवा निर्माण कंपनी बनाई थी। एजेंसी का आरोप है कि इस फर्म के माध्यम से 10 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की दवाओं की आपूर्ति दिखाकर घोटाले की रकम हासिल की गई। दोनों ने रांची के बीआईटी मेसरा से बी-फार्मा की पढ़ाई की थी।
इस मामले में दिनेश राय को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है और अदालत उसे सजा सुना चुकी है। सत्येंद्र के खिलाफ सीबीआई ने वर्ष 2001 में आरोपपत्र दाखिल किया था, जिसके बाद से वह फरार बताया जा रहा था। जांच एजेंसी को उसके नेपाल में रहने और वहां दवा कंपनी शुरू करने की सूचना भी मिली थी।
चारा घोटाला एकीकृत बिहार के समय पशुपालन विभाग में हुई वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है। सीबीआई ने वर्ष 1996 में इसकी औपचारिक जांच शुरू की थी। इससे जुड़े अलग-अलग मामलों में कई राजनेताओं, अधिकारियों और आपूर्तिकर्ताओं को अदालतों से सजा सुनाई जा चुकी है। सत्येंद्र की गिरफ्तारी के बाद अब उसके विरुद्ध लंबित न्यायिक कार्यवाही आगे बढ़ने की संभावना है।