हजारीबाग जिले के चौपारण थाना क्षेत्र के सिंघरावा स्थित वैष्णवी ज्वैलरी शॉप में हथियार के बल पर हुई डकैती के मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने बताया कि घटना में शामिल अज्ञात लोगों की पहचान के लिए एक टीम गठित की गई थी। जांच के दौरान संदिग्धों की पहचान कर उनसे पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
पुलिस के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के लिए मोटरसाइकिल और हेलमेट का इस्तेमाल किया गया था। जांच और छापेमारी के क्रम में घटना में प्रयुक्त बताए जा रहे एक देसी कट्टे, एक जिंदा गोली, एक चाकू, एक पेचकस और एक प्लास को भी बरामद किया गया है।
छापेमारी टीम ने धनबाद के हरिना-कतरास स्थित एक आभूषण प्रतिष्ठान से लूटा गया सामान मिलने का दावा किया है। बरामदगी में 48.26 ग्राम सोना और लगभग 4.051 किलोग्राम चांदी के आभूषण शामिल बताए गए हैं। हथियार और औजार चौपारण थाना क्षेत्र के ढाब सलोनिया में एक क्रशर के पास स्थित टूटे मकान से मिलने की बात कही गई है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार लोगों ने वारदात से पहले आभूषण दुकानों की रेकी करने की जानकारी भी दी है। पुलिस ने दावा किया कि वे हजारीबाग के अलावा गिरिडीह और जमशेदपुर की ओर दुकानों की रेकी करते थे। उनके विरुद्ध पहले भी डकैती, लूट और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले दर्ज होने की बात कही गई है।
जांच में पुलिस ने नौ सितंबर की रात चांडिल थाना क्षेत्र में एक स्वर्ण व्यवसायी के घर हुई लूट और दस सितंबर को बगोदर थाना क्षेत्र के घाघरा गांव में हुई घटना से भी आरोपियों के संबंध का दावा किया है। इन दावों और बरामद सामग्री की आगे की कानूनी जांच तथा न्यायिक परीक्षण अभी शेष है।