धनबाद के टुंडी में ‘साइबर शील्ड’ अभियान, पांच आरोपी गिरफ्तार

धनबाद पुलिस ने भालपहाड़ी गांव में छापेमारी कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मौके से मोबाइल, लैपटॉप और बैंकिंग दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

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धनबाद पुलिस के साइबर शील्ड अभियान से संबंधित छापेमारी और बरामद सामग्री

धनबाद जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे ‘साइबर शील्ड’ अभियान के तहत पुलिस ने टुंडी थाना क्षेत्र के भालपहाड़ी गांव में छापेमारी की। इस कार्रवाई में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और चेकबुक सहित कई दस्तावेज जब्त करने की जानकारी दी है।

ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब ने गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कार्रवाई का विवरण साझा किया। पुलिस के मुताबिक, जिले में साइबर ठगी से जुड़ी सूचनाएं मिलने के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष अभियान शुरू किया गया था। इसी क्रम में 14 अक्टूबर को भालपहाड़ी गांव में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी।

सूचना के आधार पर ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल बनाया गया। पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, अभियान में 17 पुलिस पदाधिकारी तथा 80 महिला और पुरुष पुलिसकर्मी शामिल थे। गांव में चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान पांच आरोपियों को पकड़ा गया।

गिरफ्तार लोगों में टुंडी थाना क्षेत्र के भालपहाड़ी के तीन निवासी शामिल हैं। इनके अलावा देवघर और कोडरमा जिले के एक-एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

छापेमारी में 20 मोबाइल फोन और तीन लैपटॉप बरामद किए गए। मोबाइल फोन में चार आईफोन भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इसके अतिरिक्त 23 बैंक पासबुक, 16 एटीएम कार्ड, 10 चेकबुक, चार पैन कार्ड, चार आधार कार्ड, एक ई-पॉस मशीन, तीन वाहन पंजीकरण पुस्तिकाएं और एक ग्रीन रेमिट कार्ड जब्त किया गया है।

इस मामले में टुंडी थाना में 15 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज की गई। इसमें भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(C) और 66(D) लगाई गई हैं। पुलिस अब जब्त उपकरणों, बैंक खातों और दस्तावेजों की जांच कर रही है तथा यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इनका उपयोग किन गतिविधियों में हुआ। ग्रामीण एसपी के अनुसार, साइबर अपराध के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।