छठ के बाद जमशेदपुर में नशे के खिलाफ जन-जागरण अभियान चलाने की घोषणा

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि सामाजिक और राजनीतिक संगठनों को साथ लेकर शहर की बस्तियों में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

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जमशेदपुर के शीतला मंदिर में आयोजित महानवमी कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास

जमशेदपुर में छठ पूजा के बाद नशे के खिलाफ व्यापक जन-जागरण अभियान शुरू करने की घोषणा की गई है। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सोमवार को कहा कि शहर के सामाजिक और राजनीतिक संगठनों को एक मंच पर लाकर अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने इसे समाज में जागरूकता बढ़ाने और प्रशासन का ध्यान नशे के अवैध कारोबार की ओर खींचने की पहल बताया।

रघुवर दास महानवमी के अवसर पर भालूबासा स्थित शीतला मंदिर पहुंचे थे। आराधना और आरती के बाद उन्होंने कन्याओं का पूजन किया तथा उन्हें प्रसाद और भोजन अर्पित किया। इसी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने शहर की बस्तियों में नशे के प्रसार और युवाओं पर उसके कथित दुष्प्रभाव को लेकर चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि अभियान में अलग-अलग सामाजिक और राजनीतिक संगठनों की भागीदारी जुटाने का प्रयास किया जाएगा। उनके अनुसार, इसका उद्देश्य लोगों को नशे के नुकसान के प्रति सचेत करना और इस विषय पर समाज के विभिन्न वर्गों को एकजुट करना होगा। प्रस्तावित अभियान की विस्तृत रूपरेखा, तारीख और कार्यक्रमों की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समस्या का समाधान केवल कानून के भरोसे नहीं किया जा सकता। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को जागरूक होकर सामूहिक भूमिका निभानी होगी। उन्होंने अवैध नशा कारोबार पर कार्रवाई के लिए प्रशासन पर दबाव बनाने की बात भी कही। हालांकि कार्यक्रम में किसी खास मामले, क्षेत्र या कार्रवाई का विवरण नहीं दिया गया।

शीतला मंदिर में आयोजित कन्या पूजन के दौरान रघुवर दास ने अध्यात्म को जनसेवा और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा। उन्होंने राज्यवासियों को नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महानवमी पर कन्या पूजन नारी शक्ति के सम्मान, श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है।

उन्होंने मंदिर के पुराने स्वरूप और इसके निर्माण में स्थानीय लोगों के सहयोग का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम का धार्मिक हिस्सा पूरा होने के बाद सामाजिक विषय के रूप में नशे के विरुद्ध अभियान की घोषणा की गई। अब छठ पूजा के बाद संगठनों के साथ प्रस्तावित पहल को किस स्वरूप में आगे बढ़ाया जाता है, इसकी जानकारी अभियान की रूपरेखा घोषित होने पर स्पष्ट होगी।