गढ़वा जिले के बरडीहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध संसाधनों के बावजूद मरीजों की जांच नहीं हो रही है। बीडीओ प्रवीण कुमार सिंह के औचक निरीक्षण के दौरान केंद्र की लैब बंद मिली, जबकि वहां दो लैब टेक्नीशियन और जांच के लिए जरूरी मशीनें मौजूद थीं। उन्होंने दो दिनों के भीतर लैब चालू कराने का निर्देश दिया है।
निरीक्षण में अस्पताल के दवा भंडार की स्थिति भी सामने आई। केंद्र में जरूरी आपातकालीन दवाओं के साथ एंटी वेनम और एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं थी। बीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को इन दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और मरीजों को आवश्यक सुविधाएं देने के लिए व्यवस्था सुधारने को कहा।
लेबर रूम में कर्मचारियों की कमी भी दर्ज की गई। निरीक्षण के समय वहां केवल एक एएनएम कार्यरत मिलीं, जिनके दिसंबर में सेवानिवृत्त होने की जानकारी दी गई। इससे आने वाले समय में प्रसव कक्ष के संचालन के लिए पर्याप्त कर्मियों की उपलब्धता को लेकर भी सवाल खड़ा हुआ है।
बरडीहा का यह स्वास्थ्य केंद्र पहले उपकेंद्र था और बाद में इसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया गया। इसके बावजूद यहां कर्मचारियों और बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है। अस्पताल के रखरखाव के लिए राशि उपलब्ध होने की जानकारी के बीच जरूरी व्यवस्थाओं का अभाव निरीक्षण में दर्ज किया गया।
मौके पर मौजूद चिकित्सक अस्पताल की व्यवस्थाओं से जुड़े सवालों का संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। केंद्र का प्रभार मझिआंव के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के पास होने की जानकारी दी गई। बीडीओ ने कहा कि तय समय में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
बीडीओ ने मामले में उपायुक्त को पत्र भेजने की बात भी कही है। उन्होंने सीमित संसाधनों के बीच अस्पताल की व्यवस्था बेहतर करने और स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास करने की बात कही। फिलहाल प्रशासन ने लैब शुरू करने और आवश्यक आपातकालीन दवाओं की व्यवस्था के लिए दो दिन की समयसीमा तय की है।